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उत्तर प्रदेश: फर्जी दस्तावेजों से 20 लाख तक का लोन कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

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उत्तर प्रदेश  Published by: Raju(UP) , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 01/09/2026 12:15:04 pm Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बरेली के भोजीपुरा थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को सरकारी योजना के नाम पर झांसा देकर बैंक से लाखों रुपये का लोन स्वीकृत कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बरेली के भोजीपुरा थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को सरकारी योजना के नाम पर झांसा देकर बैंक से लाखों रुपये का लोन स्वीकृत कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 3.50 लाख रुपये नकद, 75 एटीएम कार्ड, 28 चेकबुक, सात बैंक पासबुक, 12 मोबाइल फोन और 11 सिम कार्ड समेत बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। मामले में एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्र के अनुसार, एसएसपी बरेली के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत भोजीपुरा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने मुखबिर की सूचना पर मॉडर्न विलेज स्थित एक मकान में देर रात करीब 1:27 बजे दबिश दी। मौके से राम नयन गुप्ता उर्फ कृष्ण कन्हैया, राकेश गुप्ता, अनिल गुप्ता और ऋषभ कुमार सक्सेना को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस की पूछताछ में गिरोह के काम करने का तरीका सामने आया। आरोप है कि गिरोह लोगों के आधार कार्ड पर नया सिम जारी कराकर उनके पते में बदलाव करता था। इसके बाद अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाकर फर्जी परिचय पत्र, फॉर्म-16 और वेतन पर्चियां तैयार की जाती थीं। खातों में दो-तीन महीने तक वेतन के नाम पर रकम ट्रांसफर कर संबंधित व्यक्ति को सरकारी कर्मचारी के रूप में दर्शाया जाता था। इसके बाद अच्छी सिबिल दिखाकर बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य बैंकों से 15 से 20 लाख रुपये तक का लोन स्वीकृत कराया जाता था। लाभार्थियों को प्रधानमंत्री योजना के तहत लोन स्वीकृत होने का झांसा दिया जाता था। पुलिस के मुताबिक, लोन की रकम में से मामूली हिस्सा लाभार्थी को देकर बाकी रकम चेक और एटीएम के जरिए निकालकर आरोपी आपस में बांट लेते थे।

पुलिस के अनुसार, लखीमपुर खीरी निवासी एक व्यक्ति के नाम पर 20 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया था, लेकिन उसे केवल 71 हजार रुपये दिए गए और शेष रकम गिरोह ने हड़प ली। छापेमारी में कैनरा बैंक की मुहर, फर्जी वेतन पर्चियां, फर्जी पहचान पत्र, आधार-पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के मामलों की जानकारी जुटा रही है।