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उत्तर प्रदेश: फाइलेरिया मुक्त शाहजहांपुर के लक्ष्य को लेकर मीडिया कार्यशाला, 10 से 28 फरवरी तक चलेगा एमडीए अभियान
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: 10 फरवरी से 03 लाख लोगों को दी जाएगी ट्रिपल ड्रग थेरेपी,राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद के 13 ब्लॉकों में 10 से 28 फरवरी 2026 तक सामूहिक दवा सेवन (एमडीए/आईडीए) अ
विस्तार
उत्तर प्रदेश: 10 फरवरी से 03 लाख लोगों को दी जाएगी ट्रिपल ड्रग थेरेपी,राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद के 13 ब्लॉकों में 10 से 28 फरवरी 2026 तक सामूहिक दवा सेवन (एमडीए/आईडीए) अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में शाहजहांपुर के (THE GRAND ARK) होटल में मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में मीडियाकर्मियों को फाइलेरिया की गंभीरता,एमडीए अभियान की रणनीति तथा संभावित चुनौतियों की जानकारी दी गई।ताकि सही संदेशों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित किया जा सके।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने बताया कि जनपद के 16 में से 3 ब्लॉकों में माइक्रो फाइलेरिया दर एक प्रतिशत से कम होने के कारण इस वर्ष 13 ब्लॉकों में एमडीए अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत कुल 30,09,592 जनसंख्या को कवर किया जाएगा,अभियान के लिए 2,832 टीमों का गठन किया गया है तथा 5,664 ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर—जिनमें आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं—तैनात किए गए हैं। प्रत्येक टीम में एक पुरुष सदस्य की नियुक्ति सुनिश्चित की गई है टीमों के पर्यवेक्षण हेतु 499 सुपरवाइजर भी नियुक्त किए गए हैं उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक जनपद को पूर्णतः फाइलेरिया मुक्त बनाना लक्ष्य है जो तभी संभव है जब कम से कम 90 प्रतिशत पात्र आबादी दवा का सेवन करे और इसे जन-आंदोलन का रूप दिया जाए।एसीएमओ डॉ. प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान के दौरान एक वर्ष से कम आयु के बच्चों,गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी पात्र नागरिकों को ट्रिपल ड्रग थेरेपी के अंतर्गत आयु एवं लंबाई के अनुसार डीईसी,एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन की निर्धारित खुराक स्वास्थ्यकर्मी के सामने खिलाई जाएगी। बरेली मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ डॉ. मेधावी अग्रवाल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि 90 प्रतिशत लक्षित लाभार्थियों को दवा सेवन कराने से ही समुदाय को सुरक्षित बनाया जा सकता है।उन्होंने फाइलेरिया के लक्षण,निदान, बचाव और उपचार से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देते हुए मीडिया से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की। जिला मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्य ने बताया कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए बहुस्तरीय तैयारियाँ की गई हैं। जनवरी माह में राज्य एवं ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित किए जा चुके हैं और ड्रग एडमिनिस्ट्रेटरों का प्रशिक्षण जारी है साथ ही राज्य मलेरिया मुख्यालय से प्राप्त दवाओं को ब्लॉकों तक वितरित किया जा रहा है।उन्होंने मीडिया से अपील की कि वे यह संदेश जन-जन तक पहुँचाएँ—दवा खाली पेट न लें, स्वास्थ्यकर्मी के सामने ही दवा खाएँ,हल्के लक्षण सामान्य हो सकते हैं और आज दवा लेने से आने वाली पीढ़ियाँ सुरक्षित रहेंगी। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, सहयोगी संस्थाएँ पाथ,पीसीआई और सीफार—के प्रतिनिधि तथा विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकार उपस्थित रहे। फाइलेरिया की स्थिति। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनपद में वर्तमान में 2,150 लिम्फोडिमा तथा 538 हाइड्रोसील के सूचीबद्ध रोगी हैं। लिम्फोडिमा रोगियों को एमएमडीपी किट के माध्यम से उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है,जबकि हाइड्रोसील रोगियों का उपचार शल्य चिकित्सा द्वारा किया जा रहा है।
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