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उत्तर प्रदेश: गौतम बुद्ध नगर में OTT टैक्स बढ़ोतरी के विरोध में संगठनों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: सरकार द्वारा OTT प्लेटफॉर्म्स पर टैक्स वृद्धि किए जाने के विरोध में आज गौतम बुद्ध नगर में प्रधान जीं हेल्पिंग फाउंडेशन ड्राइवर एकता के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रिंकू प्रधान जी को समर्थन देते हुए भारतीय किसान
विस्तार
उत्तर प्रदेश: सरकार द्वारा OTT प्लेटफॉर्म्स पर टैक्स वृद्धि किए जाने के विरोध में आज गौतम बुद्ध नगर में प्रधान जीं हेल्पिंग फाउंडेशन ड्राइवर एकता के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रिंकू प्रधान जी को समर्थन देते हुए भारतीय किसान यूनियन एकता शक्ति के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री अक्षित शर्मा नेता (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) जिला अध्यक्ष गौतम बुद्ध नगर पुलकित सिंगल के नेतृत्व में जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर को विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने सरकार द्वारा OTT सेवाओं पर लगाए गए बढ़े हुए टैक्स का कड़ा विरोध दर्ज कराया। पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में देश पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में OTT प्लेटफॉर्म्स पर टैक्स बढ़ाना आम जनता, विशेषकर मध्यमवर्ग, श्रमिक वर्ग, ड्राइवर समुदाय एवं युवाओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रिंकू प्रधान जी ने कहा कि आज डिजिटल युग में OTT प्लेटफॉर्म्स मनोरंजन का सुलभ और किफायती माध्यम बन चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों और कामकाजी वर्ग के लोग भी कम खर्च में परिवार सहित मनोरंजन का लाभ उठा पा रहे थे, लेकिन टैक्स वृद्धि से उनकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जनभावनाओं के विपरीत है और इसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए।राष्ट्रीय संगठन महामंत्री अक्षित शर्मा व (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन)ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन एकता शक्ति हमेशा जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाती रही है। संगठन किसानों, मजदूरों, ड्राइवरों और आम नागरिकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ता आया है। यदि सरकार ने OTT टैक्स वृद्धि का फैसला वापस नहीं लिया तो संगठन जिला स्तर से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक चरणबद्ध आंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगा। जिला अध्यक्ष पुलकित सिंगल ने प्रशासन के माध्यम से सरकार तक जनता की आवाज पहुंचाने की अपील की और कहा कि यदि समय रहते इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन अभियान और आवश्यक होने पर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार की होगी। संगठन ने चेतावनी दी कि यह संघर्ष पूरी तरह लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण होगा, लेकिन जनता के हितों से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया।
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