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उत्तर प्रदेश: फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे बनी पुलिस नौकरी, मिर्जापुर के 8 सिपाहियों पर एफआईआर दर्ज, सेवा समाप्त

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उत्तर प्रदेश  Published by: Suraj Maurya , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 20/06/2026 04:40:47 pm Share:
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  • Published by.: Suraj Maurya ,
  • Edited By.: Kunal,
  • Date:
  • 20/06/2026 04:40:47 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: पुलिस भर्ती 2023 में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा होने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मिर्जापुर जनपद के आठ अभ्यर्थियों ने कथित रूप से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर सिपाही पद पर नियुक्ति प्राप्त कर ली थी।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: पुलिस भर्ती 2023 में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा होने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मिर्जापुर जनपद के आठ अभ्यर्थियों ने कथित रूप से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर सिपाही पद पर नियुक्ति प्राप्त कर ली थी। जांच में दस्तावेजों की सत्यता संदिग्ध पाए जाने पर सभी आठ सिपाहियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं तथा उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, आरोपितों में सात युवक और एक युवती शामिल हैं। सभी ने भर्ती प्रक्रिया के दौरान स्वयं को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार का आश्रित दर्शाकर आरक्षण का लाभ लिया था। नियुक्ति के बाद उन्होंने प्रशिक्षण भी प्राप्त किया और विभिन्न थानों में तैनाती पा ली थी। मामले की जांच के दौरान प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी सामने आने पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया।

रिक्रूट ट्रेनिंग कैंप के तत्कालीन प्रभारी उप निरीक्षक राजेश कुमार यादव की तहरीर पर नगर कोतवाली प्रतापगढ़ में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कराने वाले मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी हुई है।
इस कार्रवाई को पुलिस भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सेवाओं में धोखाधड़ी और जालसाजी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। कानून के रखवाले बनने की चाह में कानून तोड़ने वालों पर अब कानून का शिकंजा कस चुका है।