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उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा में महिला जन आक्रोश पदयात्रा, नारी सम्मान और अधिकारों के समर्थन में हजारों की भागीदारी
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेतृत्व में ग्रेटर नोएडा में जन आक्रोश महिला पदयात्रा का आयोजन आज भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष राज नागर के नेतृत्व में IIMT कॉलेज से जगत फार्म गोलचक्कर ग्रेटर नोएडा
विस्तार
उत्तर प्रदेश: भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेतृत्व में ग्रेटर नोएडा में जन आक्रोश महिला पदयात्रा का आयोजन आज भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष राज नागर के नेतृत्व में IIMT कॉलेज से जगत फार्म गोलचक्कर ग्रेटर नोएडा तक हजारों की संख्या में इस पदयात्रा में महिलाएं, युवकतिया एवं सामाजिक संगठनों की बहनों ने स्वेच्छा से उपस्थित होकर अपनी एकजुटता और जागरूकता का परिचय दिया।आइए, मिलकर नारी शक्ति की आवाज को बुलंद करें, नारी सम्मान की लड़ाई–अब आर-पार की लड़ाई। नारी सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों के समर्थन में एक भव्य जन आक्रोश महिला पदयात्रा का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा उतर प्रदेश की प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती महामेधा नागर एवं भाजपा जिलाध्यक्ष एड० अभिषेक शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। जिला अध्यक्ष भाजपा अभिषेक शर्मा ने कहा कि यह पदयात्रा “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के लोकसभा में पारित न हो पाने के विरोध में निकाली गई, जिसने देशभर की महिलाओं की भावनाओं को आहत किया है। अन्याय के खिलाफ अब एकजुट होने का समय है, नारी शक्ति को उसका अधिकार दिलाने का समय है, महिलाओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे अब अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग हैं और किसी भी प्रकार के अन्याय या अपमान को सहन नहीं करेंगी। यात्रा में जिला महामंत्री धर्मेंद्र भाटी, वीरेंद्र भाटी, जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र नागर, अरुण प्रधान, जिला मंत्री रजनी तोमर, मुकेश भाटी, वंदना वानखंडे, गायत्री तिवारी, गीता सागर, मीडिया प्रभारी कर्मवीर आर्य, युवा मोर्चा महामंत्री शक्ति रावल, जिला मंत्री बालेश्वर नागर, एड. सुशील भाटी, विजय रावल, संदीप शर्मा, ओमकार भाटी, प्रीति तेवतिया, अन्नू सिंह, रीना सिंह, प्रीति अग्रवाल आदि।
दोनों नेताओं ने अपने संबोधन में नारी सशक्तिकरण, समान अधिकार एवं समाज में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर जोर दिया। प्रदेश प्रवक्ता भाजपा श्रीमती महामेधा नागर ने कहा कि 1996 से लेकर आज तक, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का एक ही काम रहा है, महिलाओं के अधिकार को रोकना। 1998 में संसद के फर्श पर बिल फाड़ा गया, 2010 में राज्यसभा से पास होने के बाद 4 साल तक लोकसभा में लाया ही नहीं गया, और आज जब मोदी सरकार ने वही किया जो खुद कांग्रेस ने 2023 में मांगा था, तो इन्होंने वोट बिल के खिलाफ दिया। यह राजनीतिक विरोध नहीं है, यह भारत की करोड़ों महिलाओं के साथ खुला विश्वासघात है। इनका मुखौटा उतर चुका है और भारत की महिलाएं इसका जवाब देना जानती हैं।
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