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बिहार: कलेक्ट्रेट से अस्पताल तक चला सहायता अभियान, टीबी मरीजों को रोटरी क्लब ने उपलब्ध कराई पोषण किट
- Photo by : social media
संक्षेप
बिहार: नवादा जिले में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को मजबूती देने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की गई।
विस्तार
बिहार: नवादा जिले में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को मजबूती देने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की गई। रोटरी क्लब के सदस्यों द्वारा टीबी से जूझ रहे मरीजों को सहायता किट वितरित की गई, जिसमें खाद्य सामग्री, टीबी की दवाइयां और अन्य आवश्यक सामान शामिल थे। इस पहल का उद्देश्य मरीजों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराना और उनके उपचार में सहयोग देना है। कार्यक्रम की शुरुआत नवादा कलेक्ट्रेट परिसर से हुई, जहां जिला पदाधिकारी द्वारा कुछ टीबी मरीजों को सहायता किट प्रदान की गई। इस दौरान मरीजों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और नियमित रूप से दवाइयों का सेवन करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि टीबी जैसी बीमारी से लड़ने के लिए दवाओं के साथ-साथ पौष्टिक आहार भी बेहद जरूरी है। इसके बाद सदर अस्पताल नवादा में भी टीबी मरीजों के बीच सहायता किट का वितरण किया गया। अस्पताल में मौजूद मरीजों को रोटरी क्लब की ओर से खाद्य सामग्री और जरूरी स्वास्थ्य संबंधी सामान उपलब्ध कराया गया। इस पहल से मरीजों को उपचार के दौरान आर्थिक और पोषण संबंधी सहायता मिलने की उम्मीद है। रोटरी क्लब के सदस्यों ने बताया कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य देश को टीबी मुक्त बनाने के साथ-साथ मरीजों को समाज का सहयोग उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को समय पर इलाज, नियमित दवा और संतुलित आहार मिलने से बीमारी को हराने में काफी मदद मिलती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी लगातार लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच और उपचार को लेकर जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति में लंबे समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना या अन्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत जांच कराएं और चिकित्सकीय सलाह लें। इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और रोटरी क्लब के सदस्यों ने भाग लिया। सभी ने मिलकर टीबी मरीजों की सहायता और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया।नवादा में आयोजित यह पहल इस बात का संदेश देती है कि टीबी जैसी बीमारी के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
