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मध्य प्रदेश: त्योहारों से पहले शिवपुरी में मिलावटखोरों पर प्रशासन का शिकंजा, 44 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: दीपावली सहित आगामी त्योहारों को देखते हुए शिवपुरी जिला प्रशासन ने मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा जांच अभियान तेज कर दिया है।
विस्तार
मध्य प्रदेश: दीपावली सहित आगामी त्योहारों को देखते हुए शिवपुरी जिला प्रशासन ने मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा जांच अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम जिलेभर में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही है। अभियान के तहत 8 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक विभिन्न प्रतिष्ठानों से कुल 44 खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। इस कार्रवाई में मावा, मावा बर्फी, पेड़ा, जलेबी, गुजिया, नमकीन, सरसों तेल, रिफाइंड सोयाबीन तेल, दाल, मसाले, बेकिंग पाउडर और खाद्य रंग सहित कई खाद्य पदार्थों को जांच के दायरे में लिया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शिवपुरी, करैरा, पोहरी, नरवर और अन्य क्षेत्रों में मिठाई दुकानों से लेकर तेल उद्योगों तक निरीक्षण किया। इस दौरान शर्मा मिष्ठान भंडार, सिंघल स्वीट्स, बालाजी स्वीट्स, जय शिव स्वीट्स, जैन मिष्ठान भंडार और चौबे स्वीट्स सहित कई प्रतिष्ठानों से नमूने एकत्र किए गए। वहीं, श्रीराम ऑयल इंडस्ट्रीज और अन्य प्रतिष्ठानों से सरसों तेल, रिफाइंड सोयाबीन तेल, हल्दी, धनिया और दालों के नमूने भी लिए गए हैं। इस अभियान में चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला ने भी अहम भूमिका निभाई। प्रयोगशाला की टीम ने शिवपुरी, करैरा, नरवर और बदरवास क्षेत्रों में भ्रमण कर मौके पर ही 100 खाद्य पदार्थों का परीक्षण किया। इसके अलावा लोगों को खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान, शुद्ध खाद्य सामग्री के महत्व और मिलावट से बचने के तरीकों की जानकारी देने के लिए जिले में 8 जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या निर्धारित गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। त्योहारी सीजन में मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर लगाम लगाना है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके आधार पर मिलावटखोरों के खिलाफ अगला कदम उठाया जाएगा।
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