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उत्तर प्रदेश: लाइनमैन पर बिजली चोरी और निजी कनेक्शन का आरोप, स्थानीय लोग जांच की मांग में दबाव

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उत्तर प्रदेश  Published by: Prvin Kumar , Date: 23/02/2026 06:02:15 pm Share:
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  • 23/02/2026 06:02:15 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: खटीमा विकास खंड के अंतर्गत पोलीगंज क्षेत्र में तैनात बिजली विभाग के एक लाइनमैन पर बिजली चोरी कर अपने रिश्तेदार को अवैध कनेक्शन देने का गंभीर आरोप सामने आया है। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है और संबंधित विभाग से निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: खटीमा विकास खंड के अंतर्गत पोलीगंज क्षेत्र में तैनात बिजली विभाग के एक लाइनमैन पर बिजली चोरी कर अपने रिश्तेदार को अवैध कनेक्शन देने का गंभीर आरोप सामने आया है। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है और संबंधित विभाग से निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, लाइनमैन जोसफ गिल और गुलाब पर आरोप है कि उन्होंने बिजली के खंभे से सीधे अवैध रूप से तार जोड़कर अपने रिश्तेदार सतपाल मसीह को बिजली उपलब्ध कराई। आरोप है कि खंभे पर चढ़कर तार छीलकर डायरेक्ट कनेक्शन दिया गया, जिसका उपयोग ई-रिक्शा (टूक-टूक) चार्ज करने के लिए किया जा रहा है। यह कनेक्शन यूनुस के घर के सामने स्थित खंभे से जोड़ा गया बताया जा रहा है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई न केवल बिजली विभाग के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे विभाग को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। लोगों का यह भी आरोप है कि संबंधित कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग कर निजी लाभ पहुंचा रहे हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह विभागीय अनुशासन और जनहित के खिलाफ गंभीर मामला माना जाएगा। मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) और प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इससे बिजली चोरी को बढ़ावा मिलेगा और ईमानदार उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक बड़े नेटवर्क की भी आशंका जताई जा रही है और कुछ अन्य जिम्मेदार लोगों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में विभागीय अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
अब क्षेत्रवासियों की नजर विभागीय जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।