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उत्तर प्रदेश: पडरौना अग्निकांड: फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: प्लास्टिक गोदाम में दोबारा भड़की आग ने फायर ब्रिगेड सर्विस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते दिन करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का दावा किया गया था, लेकिन आग पूरी तरह बुझाई नहीं जा सकी। परिणामस्वरूप उसी गोदाम में फिर से आग सुलग उठी और करोड़ों का नुकसान होने की आशंका बढ़ गई। गोदाम में दर्जनों व्यापारियों का माल रखा हुआ था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड
विस्तार
उत्तर प्रदेश: प्लास्टिक गोदाम में दोबारा भड़की आग ने फायर ब्रिगेड सर्विस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते दिन करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का दावा किया गया था, लेकिन आग पूरी तरह बुझाई नहीं जा सकी। परिणामस्वरूप उसी गोदाम में फिर से आग सुलग उठी और करोड़ों का नुकसान होने की आशंका बढ़ गई। गोदाम में दर्जनों व्यापारियों का माल रखा हुआ था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड टीम ने जिम्मेदारी के साथ पूरी तरह आग बुझाई होती, तो दोबारा यह स्थिति पैदा नहीं होती। नगरवासियों ने संसाधनों की कमी और लापरवाही को बड़ी वजह बताया है। मौके पर सदर विधायक मनीष जायसवाल, पडरौना सदर एसडीएम ऋषभ देशराज पुंडीर और पुलिस प्रशासन मौजूद रहे। प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या आग पर पूरी तरह नियंत्रण सुनिश्चित किया गया था? यदि नहीं, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? व्यापारी वर्ग जवाब मांग रहा है। पडरौना में प्लास्टिक गोदाम में दोबारा लगी आग ने फायर ब्रिगेड की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या आग को पूरी तरह बुझाया गया था या लापरवाही बरती गई? करोड़ों के नुकसान के बीच व्यापारी जवाब चाहते हैं। आखिर जिम्मेदार कौन?
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