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बिहार: साइबर अपराधियों के परिवारों का हो सामाजिक बहिष्कार, नवादा डीएम की अपील, वारिसलीगंज में चला जागरूकता अभियान
- Photo by : social media
संक्षेप
बिहार: नवादा जिले के वारिसलीगंज स्थित एस.एन. सिन्हा कॉलेज सभागार में मंगलवार को साइबर स्मार्ट जन जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।
विस्तार
बिहार: नवादा जिले के वारिसलीगंज स्थित एस.एन. सिन्हा कॉलेज सभागार में मंगलवार को साइबर स्मार्ट जन जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने लोगों को साइबर अपराधियों के नए-नए तरीकों से सावधान रहने और समय पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी रवि प्रकाश ने कहा कि बिहार में नवादा, नालंदा और शेखपुरा साइबर अपराध के प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वारिसलीगंज क्षेत्र अब साइबर अपराध का बड़ा हॉटस्पॉट बन चुका है और स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने शिक्षकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों से साइबर अपराध रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। डीएम ने कहा कि यदि कोई युवा साइबर अपराध में संलिप्त पाया जाता है तो उसके परिवार को भी सामाजिक स्तर पर जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों की पहचान कर उनका सामाजिक बहिष्कार करने जैसे कदमों पर समाज को गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से रोका जा सके और समाज में स्पष्ट संदेश जाए कि साइबर अपराध किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने कहा कि एक समय साइबर अपराध के लिए झारखंड का जामताड़ा सबसे चर्चित था, लेकिन अब वारिसलीगंज का नाम भी तेजी से सामने आ रहा है। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के बैंक खाते से ऑनलाइन ठगी के जरिए पैसे निकाल लिए जाते हैं तो घबराने की बजाय तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करना चाहिए। उनके अनुसार, ठगी की गई राशि अपराधियों के अंतिम खाते तक पहुंचने में लगभग तीन से चार घंटे का समय लग सकता है। इस दौरान शिकायत मिलने पर रकम को रोकने की संभावना काफी बढ़ जाती है। विशेष अतिथि साइबर डीएसपी मोहम्मद शाहनवाज ने साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आजकल डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कस्टमर केयर, नौकरी और लॉटरी के नाम पर ठगी, फर्जी यूपीआई और क्रेडिट कार्ड फ्रॉड, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, एआई तकनीक का दुरुपयोग, फर्जी इस्लामिक बैंकिंग लोन और संतान प्राप्ति का झांसा देकर भी लोगों से ठगी की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, किसी को ओटीपी साझा न करें और बैंक या सरकारी अधिकारी बनकर आने वाले संदिग्ध फोन कॉल पर भरोसा न करें। साइबर डीएसपी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो जाए तो वह तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराए या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत करे। उन्होंने बताया कि 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज होने पर ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना काफी अधिक रहती है। कार्यक्रम का संचालन वारिसलीगंज थाना अध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने किया। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में अब तक 354 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिससे इस अवैध कारोबार में लगे लोगों के मनोबल पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और भविष्य में भी अभियान जारी रहेगा। कार्यक्रम के दौरान विवेकानंद पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने अधिकारियों का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया। कॉलेज प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अफसढ़ पंचायत के मुखिया राजकुमार सिंह, पूर्व विधायक प्रतिनिधि शैलेंद्र कुमार, बीपीएस स्कूल के संचालक परमानंद, समाजसेवी सतीश कुमार, चकवाय पंचायत के मुखिया मृत्युंजय कुमार सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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