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मध्य प्रदेश: एसडीएम संजीव सक्सेना निलंबन से बहाल, न्यायिक जांच पूरी होने तक आगे की कार्रवाई रहेगी लंबित

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मध्य प्रदेश  Published by: Ravi Kumar (MP) , मध्य प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 22/07/2026 12:10:06 pm Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 22/07/2026 12:10:06 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: देवास जिले के टोंक खुर्द के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) संजीव सक्सेना को शासन द्वारा चल रही न्यायिक जांच के बीच निलंबन से बहाल कर दिया गया है।

विस्तार

मध्य प्रदेश: देवास जिले के टोंक खुर्द के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) संजीव सक्सेना को शासन द्वारा चल रही न्यायिक जांच के बीच निलंबन से बहाल कर दिया गया है। उज्जैन संभाग के आयुक्त आशीष सिंह ने कलेक्टर देवास के प्रतिवेदन और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर यह आदेश जारी किया है। हालांकि, निलंबन अवधि का अंतिम निराकरण न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही किया जाएगा। गौरतलब है कि 14 मई 2026 को देवास जिले के ग्राम टोंककला स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण आगजनी और विस्फोट की घटना हुई थी। इस घटना में प्रशासनिक स्तर पर निरीक्षण और निगरानी को लेकर सवाल उठे थे। प्रारंभिक जांच में यह परिलक्षित हुआ कि क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री से संबंधित प्रशासनिक निरीक्षण में गंभीर लापरवाही बरती गई थी। इसके आधार पर 16 मई 2026 को जारी कार्यालयीन आदेश के तहत तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं प्रभारी डिप्टी कलेक्टर संजीव सक्सेना को निलंबित कर उनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय, देवास निर्धारित किया गया था।

निलंबन के बाद 18 जून 2026 को उज्जैन संभाग कार्यालय द्वारा संजीव सक्सेना को आरोप-पत्र जारी कर उनका स्पष्टीकरण मांगा गया। इसके जवाब में उन्होंने 23 जून 2026 को दस्तावेजों सहित बिंदुवार उत्तर प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने जवाब में बताया कि मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 15 मई 2026 को ही टोंककला पटाखा फैक्ट्री हादसे की न्यायिक जांच के लिए आयोग का गठन कर दिया था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय ने आवश्यक विभागीय अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया था, जिसके कारण यह गंभीर हादसा हुआ। इसके बाद उज्जैन संभाग आयुक्त कार्यालय ने कलेक्टर देवास ऋतुराज सिंह से मामले में अभिमत मांगा। कलेक्टर ने 8 जुलाई 2026 को भेजे गए प्रतिवेदन में उल्लेख किया कि चूंकि शासन द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग इस पूरे मामले की जांच कर रहा है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष आने से पहले किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय करना उचित नहीं होगा। कलेक्टर ने यह भी प्रस्तावित किया कि न्यायिक जांच लंबित रहने के दौरान संजीव सक्सेना को निलंबन से बहाल किया जा सकता है।

कलेक्टर के प्रतिवेदन और शासन के दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने संजीव सक्सेना को निलंबन से बहाल करने के आदेश जारी कर दिए। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उनकी निलंबन अवधि का अंतिम निर्णय न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट और उसमें प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर ही लिया जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, टोंककला पटाखा फैक्ट्री हादसे की न्यायिक जांच अभी जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार पक्षों की भूमिका का अंतिम निर्धारण किया जाएगा तथा आवश्यक प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
 

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