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मध्य प्रदेश: पोरसा के शासकीय अस्पताल में 21 साल बाद भी नहीं पहुंचे स्पेशलिस्ट डॉक्टर, मरीज बेहाल

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मध्य प्रदेश  Published by: Ajay Singh Tomar , मध्य प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 24/04/2026 05:36:08 pm Share:
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  • Published by.: Ajay Singh Tomar ,
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  • 24/04/2026 05:36:08 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: पोरसा के शासकीय अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री रूस्तम सिंह द्वारा बर्ष 2005 में की गई घोषणा को 21 वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। परिणामस्वरूप क्षेत्र के

विस्तार

मध्य प्रदेश: पोरसा के शासकीय अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री रूस्तम सिंह द्वारा बर्ष 2005 में की गई घोषणा को 21 वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। परिणामस्वरूप क्षेत्र के मरीजों को गंभीर बीमारी की स्थिति में जिला मुख्यालय या अन्य शहरों का रुख करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों पहले अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों—जैसे स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ और सर्जन—की पदस्थापना की घोषणा का पत्र बर्ष 2005 में जारी किया गया था लेकिन लंबे समय के बाद भी व्यवस्था जस की तस बनी हुई है। अस्पताल में सामान्य उपचार तो मिल जाता है, पर जटिल मामलों में मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।

ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को इलाज के लिए मुरैना या ग्वालियर तक जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। कई बार गंभीर मरीजों को समय पर उपचार न मिलने से जोखिम भी बढ़ जाता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने शासन से मांग की है कि शीघ्र ही अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए, ताकि क्षेत्र की लगभग ढाई लाख की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
अब देखना यह है कि वर्षों पुरानी घोषणा पर अमल कब होता है और पोरसा के लोगों को कब विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल पाता है। रवि सिंह तोमर ग्राम कौथर खुर्द का कहना है कि हम मध्य प्रदेश के कुन्ने  में रहते  है इसलिए भोपाल से बटने वाली रेबरिया पोरसा तक नहीं आ पाती है केवल पत्र ही अकेले आके रह जाते है। 

राजपाल सिंह तोमर अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पोरसा का कहना है भाजपा के राज्य में केवल घोषणा होती है उस पर अमली जामा नहीं पहनाया जाता। महावीर जैन अध्यक्ष व्यापार संघ पोरसा का कहना है कि हमने इस मुद्दे को कई बार उठाया मगर शासन के कान पर आज तक जूं तक नहीं रेंगीं  यहां स्पेशलिस्ट डॉक्टर ना होने के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।  सुनील सखवार जगदीशगढ़ का कहना है कि ग्रामीणों के लिए बने अस्पताल में स्पेशलिस्ट डॉक्टर ना होने के कारण हम लोगों को बेहद परेशानी उठानी पड़ती है।  ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर शैलेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि हम बराबर पत्र जिला मुख्यालय पर भेज रहे हैं मगर अभी तक वहां से कोई भी स्पेस लिस्ट डॉक्टर नहीं आया है हम केवल पत्र ही भेज पाते हैं इससे ज्यादा हम कुछ नहीं कर सकते।