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मध्य प्रदेश: घर में बैठकर नहीं आएगी क्रांति, राहुल नवरंग का अपनों पर भी तीखा वार

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मध्य प्रदेश  Published by: Fulchand Malviya , मध्य प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 24/04/2026 05:54:13 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal,
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: मिशन महाराजा बलि सेना  संगठन के संस्थापक (इंसानियत का इंजीनियर) राहुल नवरंग ने समाज की वर्तमान स्थिति और अपनों के रवैये पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सामाजिक क्रांति

विस्तार

मध्य प्रदेश: मिशन महाराजा बलि सेना  संगठन के संस्थापक (इंसानियत का इंजीनियर) राहुल नवरंग ने समाज की वर्तमान स्थिति और अपनों के रवैये पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सामाजिक क्रांति महलों या घरों में बैठकर नहीं आती, इसके लिए ज़मीन पर उतरकर संघर्ष करना पड़ता है। राहुल नवरंग ने अपने सिद्धांतों और पारिवारिक संस्कारों को सर्वोपरि रखते हुए कहा कि, "मेरे बाप ने मुझे यह कभी नहीं सिखाया कि मैं समाज के पैसे पर उछलूं। मेरा संघर्ष समाज की सेवा के लिए है, न कि समाज के संसाधनों का अपने हित में उपयोग करने के लिए।" उन्होंने उन लोगों पर तीखा प्रहार किया जो केवल व्यक्तिगत लाभ या चंदा लेने के लिए बाहर निकलते हैं, लेकिन जब जनता की लड़ाई लड़ने की बारी आती है, तो पीछे हट जाते हैं।

अपनों पर सीधा वार अपनी बात को और मजबूती देते हुए उन्होंने अपनी बहन और उन करीबियों को भी नहीं बख्शा जो घरों में बैठे हैं। राहुल नवरंग ने कहा घर में बैठकर क्रांति नहीं आती। जो लोग केवल घर की सुख-सुविधाओं में दुबके हैं और समाज की लड़ाई के लिए बाहर नहीं निकल रहे, वे समाज का भला नहीं कर सकते। अगर मेरी अपनी बहन भी केवल घर में बैठी है और संघर्ष के लिए मैदान में नहीं आती, तो वह भी मेरी आलोचना की पात्र है। जब तक मेरे अपने बाहर नहीं निकलेंगे, तब तक मैं दूसरों से क्या उम्मीद रखूँ?" राहुल नवरंग के इस बेबाक बयान ने संगठन के भीतर खलबली मचा दी है। उन्होंने साफ़ कर दिया है कि मिशन महाराजा बलि सेना में 'परिवारवाद' या 'स्वार्थ' की कोई जगह नहीं है; यहाँ केवल वही टिकेगा जो निस्वार्थ भाव से समाज के लिए सड़क पर उतरेगा।