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मध्य प्रदेश: पोरसा में पहली बार निकली महाकाल की भव्य पालकी शोभायात्रा, डाक कांवड़ के साथ उमड़ा आस्था का सैलाब
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: पोरसा में श्रावण मास के समापन से पूर्व सोमवार, 24 अगस्त को पोरसा नगर में पहली बार भगवान महाकाल की भव्य पालकी शोभायात्रा निकाली गई। श्री महाकाल मानव सेवा समिति, पोरसा के तत्वावधान मुक्तिधाम के चरण सेवक डॉ अनिल गुप्ता ने आयोजित कार्यक्रम को इस धार्मिक आयोजन में डाक कांवड़ के साथ सैकड़ों शिवभक्त शामिल हुए।
विस्तार
मध्य प्रदेश: पोरसा में श्रावण मास के समापन से पूर्व सोमवार, 24 अगस्त को पोरसा नगर में पहली बार भगवान महाकाल की भव्य पालकी शोभायात्रा निकाली गई। श्री महाकाल मानव सेवा समिति, पोरसा के तत्वावधान मुक्तिधाम के चरण सेवक डॉ अनिल गुप्ता ने आयोजित कार्यक्रम को इस धार्मिक आयोजन में डाक कांवड़ के साथ सैकड़ों शिवभक्त शामिल हुए। सुबह से ही पूरा नगर ‘बम-बम भोले’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘ओम नमः शिवाय’ के जयघोष से गूंजता रहा और वातावरण पूरी तरह शिवमय नजर आया। सुबह 6 बजे महाकाल लोक से शुरू हुई यात्रा भगवान महाकाल की पालकी शोभायात्रा सोमवार सुबह करीब 6 बजे जोटई रोड स्थित मुक्तिधाम के महाकाल लोक से विधिवत रूप से प्रारंभ हुई। भगवान महाकाल की पालकी के साथ डाक कांवड़ भी शोभायात्रा में शामिल रही। बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर और युवा डीजे की धार्मिक धुनों पर भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए यात्रा में आगे बढ़े। शोभायात्रा मुक्तिधाम से प्रारंभ होकर पुरानी बस्ती, नागाजी मंदिर रोड, सदर बाजार, सब्जी मंडी रोड, अटेर रोड, भिंड रोड और अंबाह रोड सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इसके बाद यात्रा पुनः मुक्तिधाम पहुंची, जहां धार्मिक वातावरण के बीच शोभायात्रा का समापन किया गया। जगह-जगह हुआ भगवान महाकाल की पालकी का स्वागत नगर भ्रमण के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों और नगरवासियों ने भगवान महाकाल की पालकी का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए स्वागत एवं सम्मान की व्यवस्था भी की गई। पालकी के दर्शन करने के लिए मार्ग में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। भगवान महाकाल की पालकी जैसे-जैसे नगर के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरी, वैसे-वैसे भक्तों का उत्साह भी बढ़ता गया। श्रद्धालु हाथ जोड़कर भगवान महाकाल के दर्शन करते नजर आए। युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी करते हुए पूरे मार्ग को भक्तिमय बना दिया। डाक कांवड़ ने बढ़ाई शोभायात्रा की भव्यता इस बार की शोभायात्रा में डाक कांवड़ विशेष आकर्षण का केंद्र रही। बड़ी संख्या में कांवड़िए भगवान भोलेनाथ की भक्ति में शामिल हुए। कांवड़ के साथ चल रहे श्रद्धालु लगातार भगवान महाकाल के जयकारे लगाते रहे। डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों और ‘बम-बम भोले’ के उद्घोष से नगर का वातावरण श्रद्धा और उत्साह से भर गया। पहली बार आयोजन को लेकर शिवभक्तों में रहा उत्साह पोरसा नगर में पहली बार भगवान महाकाल की पालकी शोभायात्रा निकाले जाने को लेकर शिवभक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन का उद्देश्य लोगों में धर्म, आस्था और सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा भगवान शिव की भक्ति से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना बताया गया। श्री महाकाल मानव सेवा समिति की देखरेख में हुए इस आयोजन में समिति के सदस्यों के साथ नगरवासियों और शिवभक्तों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। आयोजन को लेकर कई दिनों से तैयारियां की जा रही थीं, जिसके चलते सोमवार सुबह से ही मुक्तिधाम और नगर के प्रमुख मार्गों पर धार्मिक उत्साह दिखाई दिया। समिति के सदस्यों की रही महत्वपूर्ण भूमिका भगवान महाकाल की पालकी शोभायात्रा के आयोजन में मुक्तिधाम के रचनाकार डॉ. अनिल गुप्ता, दोजी राम राठौर महंत, महेश पेगोरिया, संजय अग्रवाल नरेंद्र राठौर, महेंद्र बाल्मीकि, राजकुमार बाल्मिक सुरेंद्र जाटव, कल्याण सिंह फौजी, श्रीमती लक्ष्मी गुप्ता, मोहित गुप्ता और बॉबी माहौर ओंकार राठौर सहित श्री महाकाल मानव सेवा समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समिति की ओर से नगरवासियों एवं शिवभक्तों से शोभायात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की गई थी। अपील के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन में पहुंचे और भगवान महाकाल की पालकी के साथ नगर भ्रमण किया। सुबह से ही शिवमय रहा पोरसा भगवान महाकाल की पालकी शोभायात्रा के चलते सोमवार सुबह पोरसा नगर का माहौल पूरी तरह धार्मिक नजर आया। नगर के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह भगवान महाकाल के जयकारे सुनाई दिए। श्रद्धालुओं के स्वागत और पालकी के दर्शन के लिए लोगों में उत्साह दिखाई दिया। शहर में पहली बार निकली इस भव्य पालकी शोभायात्रा ने पोरसा में धार्मिक आयोजन की एक नई शुरुआत के रूप में अपनी छाप छोड़ी। डाक कांवड़, पालकी, भक्तों की भारी भागीदारी और जगह-जगह हुए स्वागत के कारण यह आयोजन पूरे नगर में चर्चा का विषय रहा।
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