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उत्तर प्रदेश: बस्ती में चीनी के दामों में उछाल, 15 दिन में ₹8 तक बढ़े भाव

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 24/08/2026 01:33:05 pm Share:
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  • Published by.: Irshad Ahmad ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 24/08/2026 01:33:05 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बस्ती में महंगाई का असर अब आम आदमी की रसोई तक पहुंचने लगा है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बस्ती में महंगाई का असर अब आम आदमी की रसोई तक पहुंचने लगा है। खुले बाजार में चीनी के दामों में पिछले करीब 15 दिनों के दौरान 6 से 8 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है। पहले जहां चीनी 60 से 62 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रही थी, वहीं अब बाजार में इसका भाव 68 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। त्योहारों के सीजन से पहले चीनी की कीमतों में अचानक आए इस उछाल ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना ने अधिकारियों को चीनी के बढ़ते दामों और संभावित जमाखोरी पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी व्यापारी को कृत्रिम कमी पैदा कर आम जनता को परेशान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

 जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि खुले बाजार और गोदामों में उपलब्ध चीनी के स्टॉक की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर कालाबाजारी, जमाखोरी या मुनाफाखोरी की शिकायत सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। डीएम ने जिला पूर्ति विभाग और मंडी विभाग को बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा स्टॉक और कीमतों की नियमित रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही अधिक कीमत वसूलने और अनियमितता पाए जाने की स्थिति में संबंधित व्यापारियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

 कहा—चीनी की कमी नहीं, कृत्रिम संकट बर्दाश्त नहीं

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में चीनी की उपलब्धता की स्थिति पर प्रशासन की नजर है। यदि पर्याप्त आपूर्ति के बावजूद कृत्रिम कमी दिखाकर कीमतें बढ़ाने का प्रयास किया गया तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की प्राथमिकता है कि आम उपभोक्ताओं को आवश्यक वस्तुएं उचित मूल्य पर उपलब्ध हों। चीनी के दामों में अचानक हुई बढ़ोतरी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच और निगरानी तेज किए जाने के बाद व्यापारियों में भी हलचल देखी जा रही है। आने वाले दिनों में बाजार और गोदामों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कीमतों में बढ़ोतरी की वास्तविक वजह क्या है और कहीं जमाखोरी