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उत्तर प्रदेश: मृतक के म्यूचुअल फंड खाते से ₹9 लाख निकालने का आरोप, FIR की मांग

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 24/08/2026 01:07:33 pm Share:
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  • Published by.: Irshad Ahmad ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 24/08/2026 01:07:33 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर में जिले में कथित डिजिटल और वित्तीय धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। 

विस्तार

उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर में जिले में कथित डिजिटल और वित्तीय धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके म्यूचुअल फंड निवेश खाते से कथित तौर पर ईमेल आईडी बदलकर करीब 9 लाख रुपये की रकम रिडीम करा ली गई। मामले में मृतक की बेटी ने पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कर जांच कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, खाताधारक योगेश्वर प्रसाद की मृत्यु 8 अप्रैल 2026 को हो चुकी थी। आरोप है कि मृत्यु के बाद 22 मई 2026 को मृतक के मोबाइल और ऑनलाइन क्रेडेंशियल का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया। इस दौरान म्यूचुअल फंड खाते में दर्ज ईमेल आईडी बदलने और इसके बाद उसी दिन निवेश खाते से करीब ₹9.01 लाख की रकम रिडीम कराने का आरोप लगाया गया है।

प्रार्थिनी का दावा है कि रिडीम की गई रकम धनघटा स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एक खाते में ट्रांसफर की गई और बाद में उक्त खाते से रकम निकाल ली गई। मृतक की बेटी ने स्वयं को निवेश खाते की 100 प्रतिशत नामिनी बताते हुए आरोप लगाया है कि मृत्यु की जानकारी कथित तौर पर छिपाकर इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। मामले में एसपी को दिए गए आवेदन के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र, म्यूचुअल फंड स्टेटमेंट और अन्य संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। प्रार्थिनी ने म्यूचुअल फंड कंपनी और संबंधित बैंक से डिजिटल लॉग, ईमेल परिवर्तन का रिकॉर्ड, ट्रांजेक्शन विवरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित कराने की भी मांग की है।

प्रार्थिनी का आरोप है कि पहले भी आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक से FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अब पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मृतक के मोबाइल, ऑनलाइन क्रेडेंशियल और निवेश खाते तक कथित तौर पर किसने पहुंच बनाई तथा रकम के रिडेम्पशन और ट्रांसफर की प्रक्रिया किन परिस्थितियों में हुई। मामला डिजिटल सुरक्षा, बैंकिंग निगरानी और वित्तीय धोखाधड़ी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।