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राजस्थान: सावन के अंतिम सोमवार पर शनिमहाराज आली के शिव मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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राजस्थान  Published by: Gajendra Singh , राजस्थान  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 24/08/2026 01:15:41 pm Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 24/08/2026 01:15:41 pm
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संक्षेप

राजस्थान: शनिमहाराज आली में सावन मास के अंतिम सोमवार के अवसर पर क्षेत्र के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।

विस्तार

राजस्थान: शनिमहाराज आली में सावन मास के अंतिम सोमवार के अवसर पर क्षेत्र के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे। नवग्रह मंदिर परिसर स्थित शिव मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। अंतिम सोमवार को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह नजर आया और पूरा मंदिर परिसर दिनभर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। सुबह से ही श्रद्धालु हाथों में पूजा की थाली और पूजन सामग्री लेकर मंदिर पहुंचते रहे। भक्तों ने भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, फूल और जल अर्पित किया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। कई श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के समक्ष परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और स्वास्थ्य की कामना की, वहीं कई भक्तों ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए विशेष प्रार्थना की।

सावन के अंतिम सोमवार को धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व होने के कारण श्रद्धालुओं में सुबह से ही आस्था और उत्साह का माहौल दिखाई दिया। मंदिर परिसर में पहुंचने वाले भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा किए जा रहे जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया। दिनभर मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही बनी रही। महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी बड़ी संख्या में भगवान शिव के दर्शन करने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान भोलेनाथ की पूजा की और शिवलिंग पर जल, दूध तथा अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। कई भक्तों ने मंदिर परिसर में बैठकर भगवान शिव का स्मरण और धार्मिक मंत्रों का जाप भी किया।

सावन मास के अंतिम सोमवार के चलते पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल देखने को मिला। मंदिर परिसर के आसपास भी भक्तों की चहल-पहल बनी रही। श्रद्धालुओं ने परिवार और समाज में सुख-शांति की कामना करते हुए भगवान शिव की आराधना की। भक्तों का कहना था कि सावन के दौरान भगवान शिव की पूजा करने से मन को शांति मिलती है और श्रद्धा के साथ की गई प्रार्थना से सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। अंतिम सोमवार के अवसर पर मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी रहा। पूजा-अर्चना और दर्शन के बाद भक्त अपने घरों की ओर रवाना हुए। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। सावन के अंतिम सोमवार ने क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति की एक अलग ही छटा बिखेर दी।