-
☰
No image found.
मध्य प्रदेश: 30 अगस्त तक जिले की सभी 186 नल-जल योजनाएं पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: लोकेश कुमार जांगिड़ ने जिले की पंचायतों को हस्तांतरित 186 नल-जल योजनाओं को 30 अगस्त तक पूरी तरह चालू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग एवं जनपद पंचायतों के अधिकारियों से कहा कि पाइपलाइन लीकेज
विस्तार
मध्य प्रदेश: लोकेश कुमार जांगिड़ ने जिले की पंचायतों को हस्तांतरित 186 नल-जल योजनाओं को 30 अगस्त तक पूरी तरह चालू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग एवं जनपद पंचायतों के अधिकारियों से कहा कि पाइपलाइन लीकेज, मोटर, बिजली आपूर्ति तथा अन्य तकनीकी कमियों को जल्द दूर कर प्रत्येक योजना से अंतिम छोर तक नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं की डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड अभी समाप्त नहीं हुई है, उन्हें संबंधित ठेकेदारों के माध्यम से शीघ्र चालू कराया जाए। मंगलवार को आयोजित पीएचई विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कहा कि केवल कागजी प्रगति पर्याप्त नहीं है, बल्कि अधिकारी स्वयं गांवों में जाकर घर-घर नलों की टोंटी खोलकर जलापूर्ति की जांच करें। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक भी पर्याप्त पानी पहुंचे तथा प्रत्येक स्कूल और आंगनबाड़ी में नियमित पेयजल उपलब्ध रहे। कलेक्टर ने कहा कि नल-जल योजनाओं के रखरखाव एवं आवश्यक सामग्री की खरीद ई-टेंडर प्रक्रिया (ईआरईएस) के माध्यम से समय-सीमा में पूरी की जाए। इसमें संबंधित ग्राम पंचायतों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पीएचई विभाग और जनपद पंचायत की संयुक्त जांच के बाद ही ठेकेदारों से योजनाओं का हस्तांतरण लिया जाए। बैठक में कलेक्टर ने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि नल-जल योजनाओं के बिजली कनेक्शन किसी भी स्थिति में न काटे जाएं तथा सभी योजनाओं को नियमित तीन-फेज बिजली मिलती रहे। यदि किसी योजना में तकनीकी या बिजली संबंधी कोई समस्या आती है तो पीएचई विभाग, जनपद पंचायत और बिजली विभाग आपसी समन्वय से उसका तत्काल समाधान करें। कलेक्टर ने जल गुणवत्ता की नियमित जांच पर भी जोर देते हुए निर्देश दिए कि जल परीक्षण के लिए उपलब्ध कराई जा रही फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण के बाद जनपद पंचायत मुख्यालय से वितरित की जाए, ताकि गांव स्तर पर समय-समय पर पानी की गुणवत्ता की जांच की जा सके। बैठक में बताया गया कि अंबाह में 24, पोरसा में 18, मुरैना में 49, जौरा में 36, सबलगढ़ में 20, कैलारस में 18 तथा पहाड़गढ़ में 21 नल-जल योजनाएं पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। कलेक्टर श्री जांगिड़ ने निर्देश दिए कि इन सभी 186 योजनाओं का संयुक्त सर्वे कर उन्हें नियमित और सुचारु रूप से संचालित किया जाए, ताकि जिले के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को समय पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, कृषि मंत्री के प्रतिनिधि, कार्यपालन यंत्री पीएचई श्री अमर दाहिया, सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एसडीओ तथा संबंधित विभागों के अधिकारी और पीएचई के उपयंत्री उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश: डीएम अनुपम शुक्ला ने CM डैशबोर्ड व IGRS की समीक्षा की, खराब फीडबैक पर जताई नाराजगी
हरियाणा: महम में बीडीपीओ कार्यालय पर एसडीएम का औचक निरीक्षण, 8 कर्मचारी गैरहाजिर मिले
हरियाणा: लुवास के शिक्षकों को कैरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत पदोन्नति, कुलपति ने सौंपे आदेश
हरियाणा: जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया आरोपी, वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट कार बरामद
उत्तर प्रदेश: सड़क सुरक्षा जागरूकता की अनोखी मिसाल, मॉडिफाइड साइकिल से लोगों को दे रहे संदेश
