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महाराष्ट्र: ग्राम पंचायत में अवैध लिपिक व वित्तीय गड़बड़ी का आरोप, सरपंच-ग्रामसेवक पर कार्रवाई की मांग
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संक्षेप
महाराष्ट्र: हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना: धनज बु. ग्राम पंचायत में अवैध लिपिक को रखकर सरकारी निधि के गबन का आरोप; सरपंच और ग्रामसेवक पर पदच्युति की तलवार RTI कार्यकर्ता मोहम्मद नासिर शेख मूसा ने बीडीओ को पत्र सौंपकर की सख्त कानूनी कार्रवाई और एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग।
विस्तार
महाराष्ट्र: हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना: धनज बु. ग्राम पंचायत में अवैध लिपिक को रखकर सरकारी निधि के गबन का आरोप; सरपंच और ग्रामसेवक पर पदच्युति की तलवार RTI कार्यकर्ता मोहम्मद नासिर शेख मूसा ने बीडीओ को पत्र सौंपकर की सख्त कानूनी कार्रवाई और एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग। महाराष्ट्र के वाशिम जिले के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत धनज बु. (ता. कारंजा लाड) में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाने और सरकारी धन का दुरुपयोग करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। 'माहिती अधिकार कार्यकर्ता महासंघ' के कारंजा लाड तालुका प्रचार प्रमुख मोहम्मद नासिर शेख मूसा ने इस संबंध में पंचायत समिति कारंजा की गुट विकास अधिकारी (BDO) को एक आधिकारिक शिकायत पत्र सौंपकर दोषियों के खिलाफ तत्काल फौजदारी कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत के अनुसार, ग्राम पंचायत धनज बु. में श्री अब्दुल मलिक कदीर शेख नामक व्यक्ति को पूरी तरह से नियमबाह्य और अवैध तरीके से लिपिक (क्लर्क) के पद पर नियुक्त किया गया था। इस मामले में गहराई से जांच करने के बाद बीडीओ कार्यालय, कारंजा द्वारा 31 अक्टूबर 2025 को एक आदेश जारी कर उक्त लिपिक की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द (Cancel) कर दिया गया था। इसके बावजूद, छह महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी सरपंच और ग्रामसेवक ने उस अवैध लिपिक को पद से नहीं हटाया, जो कि सीधे तौर पर प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन और माननीय मुंबई उच्च न्यायालय के मार्गदर्शक सिद्धांतों की अवहेलना है। ग्राम पंचायत की मासिक बैठक में इस लिपिक की अस्थायी नियुक्ति का प्रस्ताव 30 सितंबर 2024 को मंजूर किया गया था। परंतु, मिलीभगत करके कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्टर पर इस लिपिक के हस्ताक्षर 3 सितंबर 2024 से ही (यानी प्रस्ताव पास होने से 27 दिन पहले से) दर्ज किए गए हैं। वित्तीय धोखाधड़ी: मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की बिना किसी पूर्व अनुमति के, पिछली तारीखों से हाजिरी दिखाकर सरकारी निधि से प्रतिमाह 10,000/- रुपये का मानधन अवैध रूप से दिया जा रहा है, जो कि सीधे तौर पर वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) की श्रेणी में आता है। शिकायतकर्ता मोहम्मद नासिर शेख मूसा ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि ग्राम विकास विभाग के शासनादेश (दिनांक 20 अप्रैल 2023) के अनुसार, यदि ग्राम पंचायत स्तर पर कोई वित्तीय अनियमितता होती है और क्षेत्र के अधिकारी उस पर ध्यान नहीं देते हैं, तो ग्रामसेवक के साथ-साथ विस्तार अधिकारी और गुट विकास अधिकारी (BDO) को भी इसके लिए संयुक्त रूप से जिम्मेदार माना जाएगा।
आदेश की अवहेलना करने वाले धनज बु. के सरपंच को महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम १९५९ की धारा ३९(१) के तहत तत्काल पदमुक्त करने का प्रस्ताव मुख्य कार्यकारी अधिकारी/विभागीय आयुक्त को भेजा जाए। सरकारी आदेशों को दबाकर रखने वाले संबंधित ग्रामसेवक/सचिव को तुरंत सेवा से निलंबित (Suspend) किया जाए। सरकारी धन के गबन और जाली दस्तावेज तैयार करने के मामले में भारतीय न्याय संहिता, २०२३ (BNS) की धारा ३१८, ३३६ और ३४० के तहत दोषियों के खिलाफ तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई जाए। अवैध लिपिक को अब तक दिए गए संपूर्ण मानधन की राशि सरपंच और ग्रामसेवक की व्यक्तिगत संपत्ति से वसूल कर सरकारी खजाने में जमा की जाए। इस शिकायत के बाद अब प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है और यह देखना अहम होगा कि वरिष्ठ अधिकारी इस पर क्या और कितनी जल्दी एक्शन लेते हैं।
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