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राजस्थान: वानर की मृत्यु पर ग्रामीणों ने श्रद्धा के साथ निकाली शवयात्रा, किया अंतिम संस्कार

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राजस्था  Published by: Pappu Lal Sharma , राजस्था  Edited By: Kunal, Date: 16/06/2026 05:06:46 pm Share:
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  • 16/06/2026 05:06:46 pm
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संक्षेप

राजस्थान: धनोप ग्राम में एक वानरराज (बंदर) की मृत्यु होने पर ग्रामवासियों ने श्रद्धा और आस्था के साथ उसका सामूहिक दाह संस्कार किया।

विस्तार

राजस्थान: धनोप ग्राम में एक वानरराज (बंदर) की मृत्यु होने पर ग्रामवासियों ने श्रद्धा और आस्था के साथ उसका सामूहिक दाह संस्कार किया। ग्रामीणों ने वानर को भगवान हनुमान का स्वरूप मानते हुए पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम यात्रा निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में महिला, पुरुष एवं बच्चों ने भाग लिया। वानरराज की शवयात्रा गोपाल चौक स्थित मंदिर से प्रारंभ हुई। शवयात्रा गांव के मुख्य मार्गों से होते हुए बस स्टैंड, माली मोहल्ला एवं कल्याणकारी मंदिर मार्ग से निकाली गई। इसके बाद यात्रा देवी सागर तालाब स्थित हनुमान मंदिर के सामने पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ वानर का अंतिम संस्कार किया गया। शवयात्रा के दौरान ग्रामीणों ने राम नाम के जयकारे लगाए तथा डीजे की धुन पर भजन-कीर्तन करते हुए श्रद्धापूर्वक अंतिम विदाई दी। महिलाओं ने मंगल गीत गाकर वानरराज को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार कार्यक्रम में ग्राम के सभी वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर धार्मिक एवं सामाजिक एकता का परिचय दिया।


इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष अभिषेक लाल, भाजपा पूर्व मंडल अध्यक्ष उदयलाल सिरोटा सरपंच प्रशासक प्रतिनिधि लक्ष्मण वैष्णव, हरिप्रसाद गर्ग, राजेश शर्मा, रामधन कोली, चेतन खटीक सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि मंशापूर्ण बालाजी मंदिर के पुजारी हनुमान वैष्णव के सान्निध्य में बालाजी मंदिर परिसर में नियमित धार्मिक बैठकों का आयोजन किया जाता है। इसी धार्मिक भावना और श्रद्धा के चलते ग्रामीणों ने वानरराज का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर उन्हें अंतिम विदाई दी। कार्यक्रम के दौरान पूरे गांव में श्रद्धा, भक्ति एवं सामाजिक सद्भाव का वातावरण देखने को मिला। ग्रामीणों ने वानरराज के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।