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राजस्थान: कृषि विज्ञान केंद्र में तीन दिवसीय प्रशिक्षण, जल संरक्षण व प्राकृतिक खेती पर दिया जोर

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राजस्थान  Published by: Pappu Lal Sharma , राजस्थान  Edited By: Namita Chauhan, Date: 27/05/2026 06:03:15 pm Share:
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  • Published by.: Pappu Lal Sharma ,
  • Edited By.: Namita Chauhan,
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संक्षेप

राजस्थान: कृषि विज्ञान केन्द्र, भीलवाड़ा पर जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग भीलवाड़ा द्वारा प्रायोजित तीन दिवसीय कृषक प्रशिक्षण वर्षा जल संरक्षण तकनीकी विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

विस्तार

राजस्थान: कृषि विज्ञान केन्द्र, भीलवाड़ा पर जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग भीलवाड़ा द्वारा प्रायोजित तीन दिवसीय कृषक प्रशिक्षण वर्षा जल संरक्षण तकनीकी विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में बतौर मुख्य अतिथि डॉ. विमला डूंकवाल-कुलगुरू, कृषि विश्वविद्यालय, कोटा ने किसानों को आह्वान किया कि किसान भाई स्थानीय वस्तुओं का आदान-प्रदान कर एवं दैनिक जीवन में उपयोग कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। डॉ. डूंकवाल ने जल संरक्षण तकनीकी अपना कर गुणवत्तापूर्ण खेती करने, रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने की आवश्यकता जताई ताकि ग्राम स्वराज का सपना साकार हो सके। डॉ. डूंकवाल ने श्रीअन्न एवं सहजन के औषधीय गुणों पर विस्तार से चर्चा की।  

डॉ. प्रताप सिंह-कुलगुरू, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर ने वर्षा जल संग्रहण एवं संचयन के महत्त्व पर चर्चा करते हुए बताया कि किसान भाई किस प्रकार वर्षा के जल का संग्रहण कर सदुपयोग करें। डॉ. सिंह ने जल संरक्षण हेतु फार्म पोण्ड बनाने एवं निर्मित जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार करने पर जोर दिया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सी. एम. यादव ने केन्द्र की गतिविधियों से रूबरू करवाते हुए किसानों को केन्द्र के निरन्तर सम्पर्क में रहकर व्यावसायिक खेती करने की आवश्यकता जताई। अधीक्षण अभियन्ता रामराज मीणा ने खेती में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाकर जल बचाने पर जोर दिया। 

स्वरूपगंज के सरपंच प्यारे लाल शर्मा ने कृषि में जैव उर्वरकों का उपयोग करने मानव जीवन को बीमारियों से बचाने की आवश्यकता जताई साथ ही कुलगुरू से गाँव गोद लेकर कृषि की नवीनतम तकनीकों से अवगत करवाने की अपील की। कार्यक्रम में प्रगतिशील कृषक नरेन्द्र कोहला एवं रामसिंह राणावत ने पीले तरबूज एवं बेबीकॉर्न की खेती कर अधिक आमदनी प्राप्त करने के तरीके साझा किए। प्रशिक्षण में खैराबाद के सरपंच गिरधारी लाल भील, वरिष्ठ अनुसंधान अध्येता डॉ. लालचन्द कुमावत, लेखाधिकारी अजित सिंह राठौड ने केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों हेतु संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए लाभ लेने की आवश्यकता जताई। प्रशिक्षण में सुवाणा पंचायत समिति के 30 कृषक एवं कृषक महिलाओं ने भाग लिया जिन्हें विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि कलैण्डर एवं सहजन की पौध प्रदर्शन के रूप में दिए गए।