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उत्तर प्रदेश: रबी सीजन में खाद की किल्लत रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट, 4561 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक उपलब्ध
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: रबी सीजन की बुवाई शुरू होने के साथ ही किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में डीएपी की मांग को देखते हुए उर्वरकों के भंडारण और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: रबी सीजन की बुवाई शुरू होने के साथ ही किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में डीएपी की मांग को देखते हुए उर्वरकों के भंडारण और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। शुक्रवार को विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अधिकारियों ने उपलब्ध स्टॉक, अब तक हुए वितरण और आगामी जरूरतों की जानकारी दी। प्रशासन ने पीसीएफ केंद्रों के साथ वैकल्पिक बिक्री केंद्रों के माध्यम से भी खाद की आपूर्ति सुचारु रखने की योजना बनाई है। बैठक में जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि जनपद में अब तक करीब 3100 मीट्रिक टन डीएपी किसानों को वितरित की जा चुकी है, जबकि 4561 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण धान की कटाई प्रभावित हुई है। दूसरी ओर रबी फसलों की बुवाई शुरू होने से आने वाले दिनों में डीएपी की मांग बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए वितरण व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वैकल्पिक केंद्रों से भी मिलेगी खाद किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए पीसीएफ केंद्रों के अलावा एग्रीजंक्शन, आईएफएफडीसी, डीसीएफ और इफको बाजार केंद्रों को भी उर्वरकों का आवंटन किया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से डीएपी, एनपीके और टीएसपी की बिक्री कराई जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आवंटित उर्वरकों का वितरण व्यवस्थित ढंग से कराया जाए, ताकि किसानों को जरूरत के समय खाद उपलब्ध हो सके। बफर गोदाम में डीएपी, एनपीके और टीएसपी का भंडारण मांग के अनुरूप वितरण पर जोर रबी सीजन में बुवाई के दौरान खाद की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन वितरण व्यवस्था पर नजर रख रहा है। बैठक में उपलब्धता के साथ-साथ केंद्रों तक उर्वरक पहुंचाने और किसानों को समय से खाद उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। उद्देश्य यह है कि बुवाई के महत्वपूर्ण समय में उर्वरक की कमी के कारण किसानों का काम प्रभावित न हो। बैठक में एआर कोऑपरेटिव आनंद मिश्रा, डीएस पीसीएफ अखिलेश, इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में पीसीएफ बफर गोदाम में उपलब्ध उर्वरकों की स्थिति भी बताई गई। पीसीएफ खाते में 426.150 मीट्रिक टन डीएपी, 637 मीट्रिक टन एनपीके और 343 मीट्रिक टन टीएसपी भंडारित है। वहीं, कृभको के सामान्य खाते में 900 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। अधिकारियों ने इन भंडारों और बिक्री केंद्रों के माध्यम से किसानों तक उर्वरकों की आपूर्ति बनाए रखने की योजना पर चर्चा की।
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