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उत्तर प्रदेश: पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम, 100 से अधिक कारीगर हुए शामिल

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उत्तर प्रदेश  Published by: Pankaj Kumar (UP) , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 04/09/2026 11:45:10 am Share:
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  • Published by.: Pankaj Kumar (UP) ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 04/09/2026 11:45:10 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सरकारी योजनाओं, डिजिटल तकनीक, वित्तीय सेवाओं और आधुनिक बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से गाजियाबाद में पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों के लिए एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सरकारी योजनाओं, डिजिटल तकनीक, वित्तीय सेवाओं और आधुनिक बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से गाजियाबाद में पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों के लिए एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय (MSME-DFO), ओखला, नई दिल्ली द्वारा जिला उद्योग केन्द्र, गाजियाबाद के सहयोग से गुलाब वाटिका, जवाहर नगर में किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्हें उद्यमिता, विपणन, ब्रांडिंग, मूल्य निर्धारण, डिजिटल भुगतान, वित्तीय साक्षरता, सामाजिक सुरक्षा, ई-कॉमर्स और सरकारी खरीद प्रणाली से जुड़ी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का उद्घाटन MSME-DFO के उप निदेशक श्री सुनील कुमार ने किया। जिला उद्योग केन्द्र, गाजियाबाद के सहायक आयुक्त उद्योग श्री मोहम्मद आक़िफ़ विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अधिकारियों ने कारीगरों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए डिजिटल तकनीक और बाजार से जुड़ाव को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम के दौरान 9 लाभार्थियों को Meesho पर ऑनबोर्ड किया गया, जबकि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से 10 लाभार्थियों के QR कोड तैयार किए गए। इसके अलावा 5 शिल्पकारों की पहचान निर्यात की संभावनाओं के लिए की गई और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।

विशेषज्ञों ने मार्केटिंग, ब्रांडिंग, मूल्य निर्धारण, पीएम विश्वकर्मा योजना, वित्तीय साक्षरता, सामाजिक सुरक्षा, GeM, डिजिटल भुगतान और स्वरोजगार के अवसरों पर जानकारी साझा की। प्रतिभागियों को पैकेजिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और ऑनलाइन बाजार के बढ़ते महत्व से भी अवगत कराया गया। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को सरकारी योजनाओं के साथ आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म और नए बाजारों से जोड़ना है। इससे कारीगरों को अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री बढ़ाने, डिजिटल भुगतान अपनाने और व्यापक बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।