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उत्तर प्रदेश: फर्जी दस्तावेजों से 20 लाख तक का लोन कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: बरेली भोजीपुरा थाना पुलिस ने सरकारी योजना के नाम पर लोगों को झांसा देकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक से लाखों रुपये का लोन स्वीकृत कराने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: बरेली भोजीपुरा थाना पुलिस ने सरकारी योजना के नाम पर लोगों को झांसा देकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक से लाखों रुपये का लोन स्वीकृत कराने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 3.50 लाख रुपये नकद, 75 एटीएम कार्ड, 28 चेकबुक, सात बैंक पासबुक, आधार-पैन कार्ड समेत बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज और अन्य सामान बरामद हुआ है। मामले में एक आरोपी अभी फरार है। एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्र के अनुसार, एसएसपी बरेली के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भोजीपुरा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने मुखबिर की सूचना पर मॉडर्न विलेज स्थित एक मकान में देर रात करीब 1:27 बजे दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने राम नयन गुप्ता उर्फ कृष्ण कन्हैया, राकेश गुप्ता, अनिल गुप्ता और ऋषभ कुमार सक्सेना को गिरफ्तार किया।पुलिस की पूछताछ में गिरोह के काम करने का तरीका सामने आया। आरोपी लोगों के आधार कार्ड पर नया सिम जारी कराकर उसमें पता बदल देते थे। इसके बाद अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाकर फर्जी परिचय पत्र, फॉर्म-16 और वेतन पर्चियां तैयार की जाती थीं। खातों में दो-तीन महीने तक वेतन के नाम पर रकम ट्रांसफर कर संबंधित व्यक्ति को सरकारी कर्मचारी के रूप में दर्शाया जाता था। इसके बाद अच्छी सिबिल रिपोर्ट दिखाकर बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य बैंकों से 15 से 20 लाख रुपये तक के लोन स्वीकृत कराए जाते थे। लाभार्थियों को यह बताया जाता था कि लोन प्रधानमंत्री योजना के तहत स्वीकृत हुआ है। लोन मिलने के बाद लाभार्थी को कुछ रकम देकर बाकी पैसा चेक और एटीएम के माध्यम से निकालकर गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। पुलिस के मुताबिक, लखीमपुर खीरी निवासी एक व्यक्ति के नाम पर 20 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया था, लेकिन उसे केवल 71 हजार रुपये दिए गए और बाकी रकम गिरोह ने हड़प ली। गिरोह के कब्जे से 12 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, कैनरा बैंक की मुहर, फर्जी वेतन पर्चियां, फर्जी पहचान पत्र, आधार-पैन कार्ड, चेकबुक और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। भोजीपुरा थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश के साथ गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।
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