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उत्तर प्रदेश: निजी स्कूलों के राष्ट्रीयकरण और मुफ्त शिक्षा को लेकर सरकार को सौंपा गया ज्ञापन 

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उत्तर प्रदेश  Published by: Mukhtar Ahamad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 29/04/2026 12:26:31 pm Share:
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  • Published by.: Mukhtar Ahamad ,
  • Edited By.: Kunal,
  • Date:
  • 29/04/2026 12:26:31 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा देशभर में सर्व समान शिक्षा प्रणाली लागू करने तथा निजी विद्यालय व्यवस्था समाप्त कर शिक्षा को पूर्णतः समान और निःशुल्क बनाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा गया

विस्तार

उत्तर प्रदेश: ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा देशभर में सर्व समान शिक्षा प्रणाली लागू करने तथा निजी विद्यालय व्यवस्था समाप्त कर शिक्षा को पूर्णतः समान और निःशुल्क बनाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में भारी असमानता व्याप्त है, जहां एक ओर संपन्न वर्ग के बच्चे महंगे निजी विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, वहीं गरीब, मजदूर, दलित, पिछड़े एवं अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों को संसाधनों की कमी वाले विद्यालयों पर निर्भर रहना पड़ता है। यह व्यवस्था सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना के विपरीत है। पार्टी नेताओं ने ज्ञापन में कहा कि पड़ोसी देशों की तर्ज पर भारत में भी एक समान शिक्षा प्रणाली लागू की जानी चाहिए, ताकि सभी वर्गों के बच्चों को एक समान पाठ्यक्रम, समान सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखी गईं

1. पूरे भारत में सर्व समान शिक्षा प्रणाली लागू की जाए।
2. निजी विद्यालयों को सरकारी नियंत्रण/राष्ट्रीयकरण के अंतर्गत लाया जाए।
3. कक्षा 1 से 12 तक सभी बच्चों को एक समान पाठ्यक्रम, यूनिफॉर्म और निःशुल्क शिक्षा दी जाए।
4. सरकारी विद्यालयों का ढांचा, शिक्षकों की संख्या और गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाए।
5. शिक्षा के व्यवसायीकरण पर रोक लगाई जाए।


उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षा व्यवस्था समान नहीं होगी, तब तक समाज में वास्तविक बराबरी स्थापित नहीं हो सकती। गरीब परिवारों के बच्चों को भी वही अवसर मिलने चाहिए जो अमीर परिवारों के बच्चों को मिलते हैं। मुख्तार अहमद ने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, व्यापार नहीं। सरकार को ऐसी व्यवस्था लागू करनी चाहिए जिसमें हर वर्ग का बच्चा समान स्तर की शिक्षा प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा में असमानता सामाजिक दूरी और आर्थिक विषमता को बढ़ाती है। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को भी प्रेषित की गई है। पार्टी नेताओं ने आशा व्यक्त की कि सरकार जनहित में इस महत्वपूर्ण मांग पर गंभीरता से विचार करेगी।