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उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में जलभराव से स्थायी राहत की तैयारी, मंडलायुक्त ने दिए ड्रेनेज सुधार के निर्देश

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ram Narayan Pal , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 22/08/2026 03:10:21 pm Share:
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  • Published by.: Ram Narayan Pal ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 22/08/2026 03:10:21 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में भारी बारिश के दौरान शहर में होने वाले जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक की।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में भारी बारिश के दौरान शहर में होने वाले जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, नगर आयुक्त साईं तेजा, क्षेत्रीय पार्षद विनय कुमार मिश्रा, शिवसेवक सिंह, आशीष द्विवेदी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जॉर्जटाउन, टैगोर टाउन, लिडिल रोड, अल्लापुर, बाघंबरी और सलोरी जैसे निचले इलाकों में जलभराव के कारणों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने ड्रेनेज कनेक्टिविटी, नालों की क्षमता और पंपिंग व्यवस्था की स्थिति की जानकारी दी। पार्षदों ने बताया कि इन क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति के कारण सिविल लाइंस और लोक सेवा आयोग क्षेत्र का बारिश का पानी यहां पहुंच जाता है। इससे मौजूदा जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ने से जलभराव की स्थिति बनती है।

बैठक में बताया गया कि सड़क चौड़ीकरण के कारण कुछ स्थानों पर पुराने नालों की क्षमता भी प्रभावित हुई है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए बालसन क्षेत्र के पानी को जॉर्जटाउन की ओर ले जाने के बजाय वैकल्पिक ड्रेनेज लाइन के जरिए सीधे पंपिंग स्टेशन तक पहुंचाने का सुझाव दिया गया। मंडलायुक्त ने इस प्रस्ताव का तकनीकी अध्ययन कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा डंडिया नाले की चौड़ाई बढ़ाने और अल्लापुर पंपिंग स्टेशन की क्षमता में वृद्धि करने पर भी विचार किया गया। सोबतिया बाग में अतिक्रमण और निर्माण के कारण अवरुद्ध ह्यूम पाइपों को हटाकर ‘ओपन स्क्वायर ड्रेन’ विकसित करने तथा उसे मोरी ड्रेन से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

संगम पेट्रोल पंप के पास डीप संपवेल विकसित कर पंपिंग मशीनों के माध्यम से पानी को बड़े नाले तक पहुंचाने का सुझाव भी सामने आया। वहीं जवाहरलाल नेहरू रोड पर पिछले करीब 25 वर्षों से बंद पड़े बाईपास नाले को तीन-चार स्थानों पर काटकर खोलने और जीपीआर मशीन के जरिए अवरुद्ध बिंदुओं की पहचान करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद सुपर सक्शन मशीन से नाले की सफाई कराने को कहा गया। जॉर्जटाउन थाने से पंप किए जाने वाले पानी को बाईपास नाले से जोड़ने की संभावना का संयुक्त तकनीकी अध्ययन करने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही शहर में नए पंपिंग स्टेशन स्थापित करने और बड़े नालों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जलभराव की समस्या का प्रभावी और दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


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