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मध्य प्रदेश: लाड़ली बहना की एक किस्त से बनेगा माता शीतला का नया मंदिर, महिलाओं ने लिया संकल्प

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मध्य प्रदेश  Published by: Naresh Kumar (MP) , मध्य प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 22/08/2026 05:19:30 pm Share:
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  • Published by.: Naresh Kumar (MP) ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
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  • 22/08/2026 05:19:30 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: आगर मालवा में तहसील सुसनेर के ग्राम मैना में महिलाओं ने आस्था, भक्ति और एकजुटता की अनूठी मिसाल पेश की है।

विस्तार

मध्य प्रदेश: आगर मालवा में तहसील सुसनेर के ग्राम मैना में महिलाओं ने आस्था, भक्ति और एकजुटता की अनूठी मिसाल पेश की है। गांव में स्थित वर्षों पुराना माता शीतला मंदिर जर्जर हालत में पहुंच गया था, जिसके कारण श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मंदिर की स्थिति को देखते हुए गांव की महिलाओं और ग्रामीणों ने मिलकर इसके पुनर्निर्माण का निर्णय लिया है। ग्राम मैना की महिलाओं ने तय किया है कि लाड़ली बहना योजना के तहत मिलने वाली एक-एक किस्त की राशि को एकत्रित कर माता शीतला का नया मंदिर बनाया जाएगा। महिलाओं के इस निर्णय के बाद गांव में उत्साह और धार्मिक माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर निर्माण के लिए महिलाओं द्वारा अपनी योजना की राशि देने का निर्णय उनकी श्रद्धा और समर्पण को दर्शाता है।

ग्रामीणों के अनुसार माता शीतला मंदिर गांव की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। वर्षों पुराना होने के कारण मंदिर की स्थिति खराब हो गई थी। समय के साथ मंदिर की मरम्मत और नए निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी बीच गांव की महिलाओं ने आगे बढ़कर मंदिर के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी में सहयोग करने का संकल्प लिया।महिलाओं का कहना है कि लाड़ली बहना योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन माता शीतला के मंदिर के निर्माण में योगदान देना उनके लिए आस्था और सेवा का विषय है। एक किस्त की राशि को मंदिर निर्माण के लिए समर्पित करने का निर्णय गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।

इस पहल में ग्रामीणों की भी सहभागिता दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर का नया निर्माण होने से गांव के लोगों को बेहतर धार्मिक स्थल मिलेगा और आने वाले समय में श्रद्धालु यहां सुविधाजनक तरीके से पूजा-अर्चना कर सकेंगे। महिलाओं के इस फैसले को गांव के लोगों ने सराहनीय बताया है। उनका कहना है कि यह पहल केवल एक मंदिर के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांव की महिलाओं की एकजुटता, आपसी सहयोग और धार्मिक आस्था का उदाहरण भी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सामूहिक प्रयासों से माता शीतला का नया मंदिर जल्द आकार लेगा। महिलाओं के इस संकल्प से गांव में उत्साह का माहौल है और क्षेत्र में भी उनके इस कदम की प्रशंसा की जा रही है।