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राजस्थान: झोपड़ी हटने से बेघर हुआ परिवार, कलेक्टर से लगाई मदद की गुहार
 

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राजस्थान  Published by: Bharat Bunkar , राजस्थान  Edited By: Kunal, Date: 21/04/2026 12:29:57 pm Share:
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  • Published by.: Bharat Bunkar ,
  • Edited By.: Kunal,
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  • 21/04/2026 12:29:57 pm
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संक्षेप

राजस्थान: भीलवाड़ा शहर में नगर निगम की कार्रवाई एक गरीब परिवार पर भारी पड़ गई, जहां झोपड़ी हटाने के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर हो गया है।

विस्तार

राजस्थान: भीलवाड़ा शहर में नगर निगम की कार्रवाई एक गरीब परिवार पर भारी पड़ गई, जहां झोपड़ी हटाने के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर हो गया है। मामले में पीड़िता ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय व मुआवजे की गुहार लगाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार देवनारायण सर्किल के पास यशिका हॉस्पिटल के निकट पिछले 10-15 वर्षों से झोपड़ी बनाकर रह रही इंद्री पत्नी जगदीश बागरिया का आरोप है कि नगर निगम द्वारा उनकी अनुपस्थिति में झोपड़ी को ध्वस्त कर दिया गया। पीड़िता का कहना है कि वह अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ बाहर गई हुई थी, लौटने पर घर पूरी तरह उजड़ा मिला और घरेलू सामान भी गायब था। पीड़िता ने बताया कि उसके पांच छोटे बच्चे हैं और परिवार अत्यंत गरीब है। झोपड़ी हटने के बाद अब उनके पास रहने के लिए कोई स्थान नहीं बचा है, जिससे परिवार दर-दर भटकने को मजबूर है।

गर्मी और आगामी बरसात के मौसम को देखते हुए स्थिति और गंभीर हो गई है। पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि उनके आशियाने को बचाने, उचित पुनर्वास कराने और नुकसान का मुआवजा दिलाया जाए। आज भी नगर निगम परिसर में बैठी नजर आई पीड़िता। न्याय की आस में पीड़िता आज भी नगर निगम परिसर में बैठी नजर आई, जहां वह अपने बच्चों के साथ अधिकारियों से राहत की गुहार लगाती रही। इस संबंध में जिला कलेक्टर को दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़िता ने नगर निगम की कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए तत्काल राहत की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है।