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उत्तर प्रदेश: बारिश के मौसम में डेंगू-मलेरिया का बढ़ा खतरा, अस्पतालों में वायरल मरीजों की भीड़

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उत्तर प्रदेश  Published by: Anand Kumar(UP) , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 22/08/2026 03:56:08 pm Share:
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  • Published by.: Anand Kumar(UP) ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 22/08/2026 03:56:08 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: सोनभद्र में बारिश के मौसम के साथ सोनभद्र और आसपास के क्षेत्रों में मौसमी बुखार, सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: सोनभद्र में बारिश के मौसम के साथ सोनभद्र और आसपास के क्षेत्रों में मौसमी बुखार, सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जुलाई से अक्टूबर के बीच डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। जिला मुख्यालय समेत आसपास के सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी में पिछले करीब एक सप्ताह से वायरल बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है।स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को मच्छरों से होने वाली बीमारियों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार बारिश के बाद घरों और आसपास जमा होने वाला साफ पानी मच्छरों के पनपने का कारण बन सकता है। ऐसे में पानी जमा होने से रोकना और आसपास साफ-सफाई रखना बेहद जरूरी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी की अधीक्षक डॉ. वरुणा निधि ने बताया कि बारिश के मौसम में सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर और डेंगू जैसे संक्रमण में कमजोरी महसूस होना आम है। हालांकि, यदि मरीज अचानक इतना कमजोर हो जाए कि उठने-बैठने में परेशानी हो, अत्यधिक सुस्ती या बेचैनी महसूस हो अथवा हालत तेजी से बिगड़ने लगे तो तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

महिला चिकित्सक डॉ. ऐमन अंसारी ने बताया कि शुरुआती दौर में डेंगू और सामान्य वायरल बुखार के लक्षणों में अंतर करना मुश्किल हो सकता है। तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी और कभी-कभी उल्टी जैसी शिकायतें दोनों में हो सकती हैं। इसलिए बुखार को सामान्य समझकर लंबे समय तक घर पर इंतजार नहीं करना चाहिए। चिकित्सक डॉ. विनोद कुमार सिंह के अनुसार डेंगू जैसे संक्रमण में अचानक तेज बुखार के साथ सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी तथा शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, केवल लक्षणों के आधार पर डेंगू की पुष्टि नहीं की जा सकती और जांच के लिए चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि गंभीर स्थिति में पेट में तेज दर्द, पेट दबाने पर अधिक दर्द, लगातार बेचैनी, तेज सांस चलना या सांस लेने में परेशानी जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। महिला चिकित्सक डॉ. मुस्कान ने बताया कि इन वायरल बीमारियों में उपचार मुख्य रूप से लक्षणों को नियंत्रित करने, शरीर में पर्याप्त तरल बनाए रखने और जटिलताओं से बचाव पर केंद्रित होता है। उन्होंने लोगों को नाक या मसूड़ों से खून आने, उल्टी या मल में खून दिखाई देने जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेने की सलाह दी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरों से बचाव करें और तेज बुखार या गंभीर लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें।