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उत्तर प्रदेश: महिला जागरूकता ही अपराध और उत्पीड़न से बचाव का सबसे बड़ा हथियार नीलम प्रभात

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उत्तर प्रदेश   Published by: Suraj Maurya , उत्तर प्रदेश   Edited By: Kunal, Date: 18/06/2026 05:37:40 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal,
  • Date:
  • 18/06/2026 05:37:40 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश:  राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात ने जनपद भ्रमण के दौरान जिला कारागार, आंगनबाड़ी केंद्र तथा नारायणपुर विकास खंड सभागार का निरीक्षण कर महिला कल्याण योजनाओं की समीक्षा की।  दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, जागरूकता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश:  राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात ने जनपद भ्रमण के दौरान जिला कारागार, आंगनबाड़ी केंद्र तथा नारायणपुर विकास खंड सभागार का निरीक्षण कर महिला कल्याण योजनाओं की समीक्षा की।  दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, जागरूकता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। आंगनबाड़ी केंद्र कतवारू का पुरा के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यकत्रियों को पात्र लाभार्थियों तक नियमित रूप से पुष्टाहार पहुंचाने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुष्टाहार वितरण केवल औपचारिकता न होकर लाभार्थियों के प्रति संवेदनशीलता और पारिवारिक व्यवहार के साथ किया जाना चाहिए। जिला कारागार निरीक्षण के दौरान नीलम प्रभात ने महिला बंदियों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को महिला बंदियों के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण तथा शैक्षिक सुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

नारायणपुर ब्लॉक सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई एवं समीक्षा बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं नीलम प्रभात ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा सहित पांच मामलों की सुनवाई कर संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की महत्वपूर्ण धाराओं की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ कानूनी कदम उठा सकें। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को नियमित रूप से ज्ञानवर्धक कहानियां सुनाने तथा महिलाओं में कानूनी जागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया।
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि महिला जागरूकता ही अपराध और उत्पीड़न से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटरों के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सीय, कानूनी, मनोवैज्ञानिक और पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें त्वरित राहत मिल सके। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। साथ ही गोदभराई, अन्नप्राशन कार्यक्रम संपन्न कराए गए तथा नव नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन वितरित किए गए। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल कुमार सोनकर, खंड विकास अधिकारी रामराज कुशवाहा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।