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दिल्ली: AI के दुरुपयोग के खिलाफ 21 जुलाई को राष्ट्रव्यापी धरना, मुस्लिम महिलाओं की गरिमा की रक्षा की मांग

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दिल्ली  Published by: Irshad Ahmad , दिल्ली  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 07/07/2026 12:11:22 pm Share:
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  • 07/07/2026 12:11:22 pm
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संक्षेप

दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कथित दुरुपयोग के माध्यम से महिलाओं, विशेषकर मुस्लिम महिलाओं, की आपत्तिजनक और अश्लील तस्वीरें एवं सामग्री प्रसारित किए जाने के विरोध में 21 जुलाई 2026 को देशभर में राष्ट्रव्यापी धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन अभियान आयोजित किया जाएगा।

विस्तार

दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कथित दुरुपयोग के माध्यम से महिलाओं, विशेषकर मुस्लिम महिलाओं, की आपत्तिजनक और अश्लील तस्वीरें एवं सामग्री प्रसारित किए जाने के विरोध में 21 जुलाई 2026 को देशभर में राष्ट्रव्यापी धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन अभियान आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन का आह्वान भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा ने किया है। संगठनों ने आरोप लगाया है कि एआई तकनीक का दुरुपयोग कर बिना सहमति के महिलाओं की छवियों को यौन प्रकृति का रूप देकर सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया जा रहा है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं महिलाओं की गरिमा, निजता और संवैधानिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं तथा समाज में नफरत और विभाजन को बढ़ावा देती हैं।

आंदोलन के समर्थन में जारी जानकारी में एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि भारत में मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाकर एआई-जनरेटेड आपत्तिजनक सामग्री तेजी से फैल रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 297 सार्वजनिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ऐसी सामग्री से जुड़े लगभग 67 लाख (6.7 मिलियन) इंटरैक्शन दर्ज किए गए। इसमें एआई से तैयार की गई यौन प्रकृति की तस्वीरें, अपमानजनक पोस्ट और मुस्लिम महिलाओं को बदनाम करने वाली सामग्री शामिल होने का दावा किया गया है। संगठनों का कहना है कि एआई टूल्स के बढ़ते उपयोग ने ऑनलाइन उत्पीड़न को और गंभीर बना दिया है। उनका आरोप है कि अब किसी भी महिला की तस्वीर को बिना उसकी अनुमति के डिजिटल रूप से बदलकर वायरल करना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है, जिससे महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।

भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा ने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की है कि एआई-जनरेटेड अश्लील सामग्री, डीपफेक और महिलाओं के ऑनलाइन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी कानूनी और तकनीकी व्यवस्था विकसित की जाए। इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन का नेतृत्व भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मान्यवर वामन मेश्राम तथा राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के राष्ट्रीय प्रभारी चांद मोहम्मद के नेतृत्व में किए जाने की घोषणा की गई है। संगठनों ने नागरिकों से महिला सम्मान, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।

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