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उत्तर प्रदेश: बारिश की कमी से भूजल स्तर गिरने की आशंका, पेयजल संकट गहराने के संकेत
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: जिले में लगातार बारिश न होने से जहां किसानों की चिंता बढ़ गई है, वहीं अब भूजल स्तर में गिरावट की आशंका भी गहरा रही है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: जिले में लगातार बारिश न होने से जहां किसानों की चिंता बढ़ गई है, वहीं अब भूजल स्तर में गिरावट की आशंका भी गहरा रही है। यदि जल्द अच्छी वर्षा नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हैंडपंप, सबमर्सिबल और निजी नलकूपों से पानी निकालने में लोगों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि इस वर्ष अपेक्षित वर्षा नहीं होने के कारण जमीन में पर्याप्त जल का संचय नहीं हो पा रहा है। इसका सीधा असर भूजल स्तर पर पड़ रहा है। कई स्थानों पर पहले की तुलना में पानी का स्तर नीचे जाने लगा है, जिससे हैंडपंपों का डिस्चार्ज कम हो रहा है और मोटरों को भी अधिक गहराई से पानी खींचना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में पेयजल संकट और भी गंभीर रूप ले सकता है। सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण इलाकों में रहने वाले गरीब और सामान्य परिवारों को होगी, जो मुख्य रूप से हैंडपंपों और नलकूपों पर निर्भर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल संरक्षण के लिए प्रभावी अभियान चलाया जाए, तालाबों और जलाशयों का संरक्षण कराया जाए तथा लोगों को वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि भविष्य में पेयजल संकट से बचा जा सके। बारिश की कमी केवल खेती के लिए ही नहीं, बल्कि हर घर तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही है। समय रहते प्रभावी कदम उठाना बेहद आवश्यक है।
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