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उत्तर प्रदेश: NCBT ने पुलिस के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 07/07/2026 12:32:49 pm Share:
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  • Published by.: Ramkesh Vishwakarma ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 07/07/2026 12:32:49 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जनपद गाजीपुर में नेशनल क्राइम ब्रांच ट्रस्ट (NCBT) के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजीत सिंह ने बताया कि जनपद गाजीपुर के पुलिस एवं थाना दुल्लहपुर के तत्कालीन संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कथित प्रशासनिक अनियमितताओं, उत्पीड़न तथा अन्य शिकायतों के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय, प्रयागराज के समक्ष विधिक याचिका दायर की गई है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जनपद गाजीपुर में नेशनल क्राइम ब्रांच ट्रस्ट (NCBT) के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजीत सिंह ने बताया कि जनपद गाजीपुर के पुलिस एवं थाना दुल्लहपुर के तत्कालीन संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कथित प्रशासनिक अनियमितताओं, उत्पीड़न तथा अन्य शिकायतों के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय, प्रयागराज के समक्ष विधिक याचिका दायर की गई है। संस्था का कहना है कि जनपद गाजीपुर में संस्था से जुड़े समाजसेवियों एवं आम नागरिकों के विरुद्ध बिना पर्याप्त आधार के झूठे एवं अनावश्यक आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिससे सामाजिक कार्य करने वाले लोगों में भय एवं असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न हो रहा है। संस्था ने इन सभी मामलों की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।

संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजीत सिंह ने कहा कि संस्था का उद्देश्य किसी व्यक्ति, विभाग अथवा पुलिस प्रशासन की छवि धूमिल करना नहीं है, बल्कि संविधान एवं कानून के दायरे में रहकर पीड़ित, शोषित एवं जरूरतमंद नागरिकों को न्याय दिलाना है। यदि किसी भी नागरिक के साथ मानसिक, आर्थिक अथवा प्रशासनिक उत्पीड़न होता है तो उसके विरुद्ध संवैधानिक एवं विधिक उपाय अपनाना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।संस्था का यह भी कहना है कि विधिवत पंजीकृत संस्था होने के बावजूद आम जनता के विरुद्ध बिना पूर्व सूचना एवं पर्याप्त आधार के प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसे संस्था दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई मानते हुए न्यायालय के समक्ष चुनौती दे रही है।

संस्था ने यह भी मांग की है कि यदि जांच के दौरान किसी भी सरकारी अधिकारी द्वारा अपने पद का दुरुपयोग, भ्रष्टाचार, अवैध आर्थिक लाभ, अथवा अधिकारों के दुरुपयोग के संबंध में प्रथम दृष्टया साक्ष्य प्राप्त होते हैं, तो संबंधित अधिकारी के चल एवं अचल संपत्ति, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन तथा आवश्यक होने पर परिवार से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की भी सक्षम एजेंसियों से निष्पक्ष एवं विधिसम्मत जांच कराई जाए, ताकि सत्य तथ्यों का खुलासा हो सके और दोषी पाए जाने पर विधि के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। नेशनल क्राइम ब्रांच ट्रस्ट (NCBT) ने स्पष्ट किया कि संस्था को भारतीय न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है तथा माननीय उच्च न्यायालय से निष्पक्ष न्याय की अपेक्षा है। साथ ही प्रदेश सरकार एवं सक्षम अधिकारियों से भी पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कराकर सत्य तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

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