-
☰
No image found.
मध्य प्रदेश: वेतन से PF कटौती के बावजूद खाते में जमा नहीं होने का आरोप, एंबुलेंस चालकों ने ठेकेदार के खिलाफ खोला मोर्चा
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
मध्य प्रदेश: शहडोल जिले में एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों ने पीएफ (प्रॉविडेंट फंड) की राशि को लेकर ठेकेदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
विस्तार
मध्य प्रदेश: शहडोल जिले में एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों ने पीएफ (प्रॉविडेंट फंड) की राशि को लेकर ठेकेदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एंबुलेंस चालकों ने आरोप लगाया है कि उनके वेतन से नियमित रूप से पीएफ की कटौती की जा रही है, लेकिन पिछले करीब पांच वर्षों से यह राशि उनके पीएफ खातों में जमा नहीं की गई। कर्मचारियों ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक, जिला कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों से करते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में न्यू शमीम ट्रांसपोर्ट एवं पेटी कांट्रेक्टर दीपक डालमिया का उल्लेख करते हुए एंबुलेंस चालकों ने कहा है कि वे संबंधित ठेकेदार के अधीन काम कर रहे हैं। कर्मचारियों के मुताबिक, हर महीने वेतन से पीएफ की राशि काटी जाती है, लेकिन जब उन्होंने अपने पीएफ खाते में जमा रकम की जानकारी लेने का प्रयास किया तो स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। कर्मचारियों का दावा है कि करीब पांच साल से कटौती की गई राशि खाते में जमा नहीं होने की आशंका है। दो महीने बाद काम बंद होने की सूचना से बढ़ी चिंता एंबुलेंस चालकों का कहना है कि उन्हें यह भी बताया जा रहा है कि लगभग दो महीने बाद उनका काम बंद हो सकता है। इससे कर्मचारियों के सामने रोजगार और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि नौकरी से निकाले जाने की बात कहकर कर्मचारियों पर दबाव भी बनाया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि वेतन से हर महीने पीएफ की राशि काटी जा रही है, तो नियमानुसार संबंधित राशि उनके पीएफ खातों में जमा होनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि पिछले वर्षों में हुई पीएफ कटौती और जमा राशि का पूरा रिकॉर्ड जांचा जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। SP-कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग एंबुलेंस चालकों ने पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित विभाग और पीएफ से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कराने की अपील की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि पीएफ की राशि वास्तव में काटी गई है और खाते में जमा नहीं हुई, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद यह पता चलेगा कि कर्मचारियों के वेतन से काटी गई पीएफ की राशि कहां जमा हुई और संबंधित खातों में उसका भुगतान हुआ या नहीं। मामले को लेकर एंबुलेंस कर्मचारियों में नाराजगी और भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश: अस्पताल से बुर्का पहनकर फरार हुई महिला बंदी, बेटों संग साजिश का आरोप
उत्तर प्रदेश: गुड़ैचा चौराहे के आंबेडकर पार्क में जलभराव और गंदगी, प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
महाराष्ट्र: सोनबा नगर में बस स्टॉप की मांग, छात्रों की परेशानी को लेकर PWD से हस्तक्षेप की अपील
