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राजस्थान: शनिमहाराज आली में रामदेवरा यात्रा के दौरान बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़, ओवरलोडिंग से खतरा

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राजस्थान  Published by: Gajendra Singh , राजस्थान  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 27/08/2026 12:06:17 pm Share:
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  • Published by.: Gajendra Singh ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 27/08/2026 12:06:17 pm
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संक्षेप

राजस्थान: रामदेवरा यात्रा के चलते तीर्थ स्थल शनि धाम श्री शनिमहाराज आली में इन दिनों श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।

विस्तार

राजस्थान: रामदेवरा यात्रा के चलते तीर्थ स्थल शनि धाम श्री शनिमहाराज आली में इन दिनों श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। मेवाड़ के प्रसिद्ध शनि धाम में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल और विभिन्न वाहनों से पहुंच रहे हैं। करीब डेढ़ महीने तक चलने वाली इस यात्रा में मध्यप्रदेश और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शनि महाराज के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें कई श्रद्धालु करीब 500 किलोमीटर तक का सफर तय कर यात्रा कर रहे हैं। लंबे सफर के बीच वाहनों में ओवरलोडिंग श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। रास्तों पर क्षमता से अधिक सवारियां लेकर वाहन बेखौफ दौड़ते नजर आ रहे हैं। कई दोपहिया वाहनों पर चार-चार लोग सवार होकर यात्रा करते दिखाई दे रहे हैं। वहीं पिकअप, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों में भी निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया जा रहा है।

कुछ वाहनों में अतिरिक्त सवारियों को बैठाने के लिए डबल पार्टीशन तक बनाए जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे वाहनों में क्षमता से अधिक लोगों के बैठने से दुर्घटना की स्थिति में बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। खासकर लंबी दूरी तय करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह स्थिति और भी जोखिमपूर्ण हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बावजूद मार्गों पर ओवरलोडिंग और यातायात नियमों की प्रभावी जांच नजर नहीं आ रही है। उनका आरोप है कि प्रशासन और यातायात पुलिस की पर्याप्त निगरानी नहीं होने के कारण वाहन चालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यात्रा मार्गों पर नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जाए। दोपहिया वाहनों पर निर्धारित संख्या से अधिक सवारियों और चारपहिया एवं अन्य वाहनों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा के लिए यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि धार्मिक यात्रा के दौरान किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।