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उत्तर प्रदेश: बरेली में ‘मिशन सेफ फ्यूचर 3.0’ शुरू, स्कूल बस में चालक के साथ परिचर और शिक्षक हुए अनिवार्य

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उत्तर प्रदेश  Published by: Chhatra Pal , उत्तर प्रदेश  Edited By: Yashoda, Date: 15/09/2026 12:38:58 pm Share:
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  • 15/09/2026 12:38:58 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बरेली जनपद में बरेली स्कूल बस में बच्चों को छोड़कर सिर्फ चालक के भरोसे वाहन चलाना अब भारी पड़ सकता है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बरेली जनपद में बरेली स्कूल बस में बच्चों को छोड़कर सिर्फ चालक के भरोसे वाहन चलाना अब भारी पड़ सकता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने ‘मिशन सेफ फ्यूचर 3.0’ शुरू कर दिया है। 14 से 19 सितंबर तक चलने वाले इस विशेष अभियान में स्कूलों के साथ सड़कों पर दौड़ने वाले स्कूली वाहनों की भी जांच होगी। नियम टूटे मिले तो चालान से लेकर वाहन सीज करने तक की कार्रवाई की जाएगी। स्कूली वाहन में चालक के अलावा परिचर रखना जरूरी है। परिचर बच्चों को वाहन में चढ़ाने और उतारने के दौरान उनकी सुरक्षा देखेगा। अगर बस में छात्राएं सफर कर रही हैं तो महिला परिचर रखना होगा। विभाग की टीम जांच के दौरान इस व्यवस्था को भी देखेगी।

बच्चों के साथ शिक्षक का रहना भी जरूरी

स्कूल बस में सिर्फ चालक और परिचर ही नहीं, बल्कि बच्चों के साथ एक शिक्षक की मौजूदगी भी जरूरी होगी। इसका मकसद बस में बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना है। स्कूल प्रबंधन को इस व्यवस्था की जिम्मेदारी उठानी होगी। स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए चालकों के पुलिस सत्यापन पर भी खास जोर दिया गया है। स्कूल के अपने वाहन हों या अनुबंध पर चलने वाले वाहन, सभी चालकों का पुलिस से चरित्र सत्यापन कराया जाना जरूरी है। सत्यापन के बिना किसी चालक को स्कूली वाहन चलाने की अनुमति नहीं होगी।


स्कूलों में भी होगी पड़ताल

अभियान सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहेगा। स्कूलों में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति बनी है या नहीं, इसकी भी जांच होगी। समिति की अध्यक्षता प्रधानाचार्य करेंगे। इसमें नायब तहसीलदार, थानाध्यक्ष, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी और उपखंड निरीक्षक शामिल होंगे। समिति को साल में चार बार बैठक करनी होगी। 14 से 19 सितंबर के बीच परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमें अलग-अलग मार्गों और स्कूलों के आसपास स्कूली वाहनों की जांच करेंगी। बिना फिटनेस, नियमों के खिलाफ चलने या सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर चालान के साथ वाहन सीज करने की कार्रवाई भी हो सकती है।

आरटीओ का बयान

आरटीओ पंकज सिंह ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों को सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का पालन करना होगा। जांच के दौरान लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


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