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उत्तर प्रदेश: जिला न्यायालय में हिंदी दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन, हिंदी को बताया राष्ट्र की एकता और स्वाभिमान का प्रतीक

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Yashoda, Date: 15/09/2026 12:33:58 pm Share:
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  • Edited By.: Yashoda,
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  • 15/09/2026 12:33:58 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: गाजीपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर के तत्वावधान में माननीय जनपद न्यायाधीश के निर्देशन में रविवार 14 सितंबर 2026 को सायं 4:30 बजे जनपद न्यायालय के दशकक्षीय सभागार में हिंदी दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: गाजीपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर के तत्वावधान में माननीय जनपद न्यायाधीश के निर्देशन में रविवार 14 सितंबर 2026 को सायं 4:30 बजे जनपद न्यायालय के दशकक्षीय सभागार में हिंदी दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जय प्रकाश यादव ने कहा कि भारत जैसे विशाल और विविधता वाले देश को एकता के सूत्र में बांधने के लिए एक सरल और सर्वमान्य भाषा की आवश्यकता है। हिंदी ही वह भाषा है जो लिखने, बोलने और समझने में सबसे आसान है। उन्होंने कहा कि हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य हिंदी के प्रचार-प्रसार और सम्मान को बढ़ाना है, क्योंकि हिंदी हमारी संस्कृति, संस्कार और पहचान है। पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, संजय हरी शुक्ला* ने कहा कि हिंदी दिवस का मुख्य संदेश है कि जब तक हम सभी क्षेत्रों में हिंदी का पूरी तरह उपयोग नहीं करेंगे, तब तक इसका विकास संभव नहीं है। इस दिन सभी सरकारी कार्यालयों में अंग्रेजी के स्थान पर हिंदी के अधिकतम प्रयोग पर बल दिया जाता है।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / नोडल अधिकारी लोक अदालत शक्ति सिंह* ने कहा कि भाषा विचारों को व्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीरज गोंड* ने बताया कि हिंदी भारत की प्रथम और विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। देश में 70 प्रतिशत से अधिक लोग हिंदी बोलते हैं। भले ही हर प्रांत की भाषा अलग है, लेकिन आचार-विचार की समानता के कारण सभी भाषाएं राष्ट्रीय एकता को मजबूत करती हैं। संगोष्ठी में अपर सिविल जज हार्दिक सिंह, मोनी वर्मा, जिला शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय सहित अधिवक्ता बृजभूषण श्रीवास्तव, गौतम द्विवेदी और राजन पांडेय ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर अपर जिला जज श्वेता वर्मा, स्पेशल जज संजय के. लाल, अपर जिला जज राम अवतार प्रसाद, विजय कुमार चतुर्थ सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


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