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मध्य प्रदेश: पैतृक भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार कर विक्रय पत्र कराने का आरोप, कलेक्टर से शिकायत
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: जिले के प्रभात पट्टन तहसील क्षेत्र में पैतृक कृषि भूमि के फर्जी दस्तावेज एवं राजस्व रिकॉर्ड तैयार कर भूमि का विक्रय पत्र निष्पादित कराए जाने का मामला सामने आया है।
विस्तार
मध्य प्रदेश: जिले के प्रभात पट्टन तहसील क्षेत्र में पैतृक कृषि भूमि के फर्जी दस्तावेज एवं राजस्व रिकॉर्ड तैयार कर भूमि का विक्रय पत्र निष्पादित कराए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में आवेदक किशनी नागले पति लक्ष्मण नागले, निवासी पाथाखेड़ा-सारणी ने कलेक्टर कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आवेदन पुलिस अधीक्षक बैतूल के नाम भी दिया गया है। आवेदन में बताया गया है कि आवेदक की पैतृक कृषि भूमि ग्राम मौजा राजनी, तहसील प्रभात पट्टन, जिला बैतूल में स्थित है। आवेदन के अनुसार भूमि का मूल खसरा नंबर 150 तथा रकबा लगभग 0.809 हेक्टेयर है। आरोप है कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा फर्जी तरीके से दस्तावेज एवं राजस्व रिकॉर्ड तैयार किए गए और लक्ष्मण के नाम का फर्जी आधार कार्ड बनाकर भूमि का फर्जी विक्रय पत्र निष्पादित कराया गया। आवेदक का आरोप है कि उक्त विक्रय पत्र के माध्यम से उनकी पैतृक भूमि पर कब्जा करने तथा खेती के कार्य में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि भूमि को लेकर पूर्व से विवाद चला आ रहा है और मामले में संबंधित लोगों द्वारा दबाव एवं धमकी दिए जाने की बात भी कही गई है। आवेदन में अजय वर्मा, रमेश पिता शिवराम गहवाड़े, ऋषिकेश पिता लक्ष्मण गवहाडे कौशल्या, ओमप्रकाश, निलेश पिता महादेव माकोडे सहित अन्य लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। आवेदक ने शिकायत में कहा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि के संबंध में की गई कार्रवाई की जांच कर वास्तविक रिकॉर्ड के आधार पर उचित कार्रवाई की जाए।
पुलिस से अपराध दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा की मांग शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर फर्जी आधार कार्ड, दस्तावेज एवं राजस्व रिकॉर्ड तैयार करने तथा फर्जी विक्रय पत्र निष्पादित कराने के आरोपों की जांच की जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाए। आवेदक ने शिकायत में यह भी कहा है कि परिवार को किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाने के लिए सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
फिलहाल यह मामला शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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