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मध्य प्रदेश: कलेक्टर ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, 7 पेंशन प्रकरण स्वीकृत और शांतिधाम के लिए भूमि आरक्षित
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: मुरैना, 18 सितम्बर 2026/मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सहित मुरैना जिले में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
विस्तार
मध्य प्रदेश: मुरैना, 18 सितम्बर 2026/मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सहित मुरैना जिले में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। अभियान के चार प्रमुख स्तंभ संवाद, समाधान, संवेदनशीलता एवं सादगी के अनुरूप शुक्रवार को जनपद पंचायत पोरसा की ग्राम पंचायत नंदपुरा (खेरिया) में क्षेत्र भ्रमण एवं जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनसे सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 186 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 26 आवेदन समय-सीमा में निराकरण हेतु दर्ज किए गए, जबकि 22 प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया। शिविर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अम्बाह श्रीमती प्रतिज्ञा शर्मा, जनपद पंचायत पोरसा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती सुनीता शर्मा, मुख्य नगरपालिका अधिकारी पोरसा सहित जिला एवं खण्ड स्तर के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य प्रशासन को ग्रामीणों के बीच पहुंचाकर उनकी समस्याओं को सुनना और यथासंभव उनका स्थानीय स्तर पर ही समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों से प्राप्त आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार एवं समय-सीमा में निराकरण किया जाए। ई-केवायसी पूर्ण कर 7 पेंशन प्रकरण स्वीकृत शिविर में पेंशन से संबंधित 7 ऐसे प्रकरण सामने आए, जिनमें ई-केवायसी पूर्ण नहीं होने के कारण हितग्राहियों को पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा था। कलेक्टर के निर्देश पर मौके पर ही ई-केवायसी की प्रक्रिया पूर्ण कराई गई तथा सभी 7 पेंशन प्रकरण स्वीकृत किए गए। पेंशन स्वीकृत होने पर संबंधित हितग्राहियों को तत्काल लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ। शांतिधाम के लिए भूमि आरक्षित, शीघ्र शुरू होगा निर्माण ग्राम खेरिया के ग्रामीणों ने शांतिधाम के लिए भूमि उपलब्ध नहीं होने की समस्या कलेक्टर के समक्ष रखी। कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व एवं पंचायत विभाग की टीम ने समन्वय कर शांतिधाम के लिए भूमि आरक्षित कर दी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर यहां शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। दो मार्गों के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति जारी ग्रामीणों ने गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाले दो मार्गों के निर्माण से संबंधित समस्या भी रखी। कलेक्टर ने बताया कि दोनों मार्गों के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है तथा प्रशासनिक स्वीकृति भी जारी कर दी गई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आगामी चार से पांच माह में दोनों मार्गों का निर्माण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। पट्टाधारियों के नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज करने के निर्देश शिविर में राजस्व संबंधी प्रकरणों की भी सुनवाई की गई। ऐसे प्रकरण, जिनमें शासन द्वारा पट्टा प्रदान किए जाने के बावजूद राजस्व अभिलेख में पट्टाधारी का नाम दर्ज नहीं हो पाया है अथवा बाद में नाम छूट गया है, उन्हें संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व न्यायालय में दर्ज कर नियमानुसार निराकरण करने के निर्देश दिए गए। पात्र पट्टाधारियों के नाम वर्तमान ऑनलाइन राजस्व अभिलेख में दर्ज कराने की कार्रवाई भी सुनिश्चित करने को कहा गया। अतिक्रमण के प्रकरणों का एक माह में निराकरण करने के निर्देश अतिक्रमण से संबंधित आवेदनों पर कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों में पूर्व में आदेश पारित हो चुके हैं, उनमें मौके पर बेदखली एवं कब्जा हटाने की कार्रवाई तत्काल की जाए। वहीं नए प्राप्त प्रकरणों में तहसीलदार न्यायालय द्वारा नियमानुसार सुनवाई एवं स्थल निरीक्षण कर अतिक्रमण पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने शासकीय एवं निजी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने तथा अतिक्रमण से संबंधित सभी प्रकरणों का एक माह में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर आमजन से सीधा संवाद किया जा रहा है। इस दौरान शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी लेने के साथ ही ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निराकरण तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित समाधान की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। इससे ग्रामीणों को अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष सीधे रखने और स्थानीय स्तर पर उनके समाधान का अवसर मिल रहा है।
