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मध्य प्रदेश: छह आवेदकों की प्रथम अपील पर 16 सितंबर को सुनवाई, मांगी गई जानकारी के समय पर न मिलने का आरोप
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी का निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने के बाद मामला अब प्रथम अपील की सुनवाई तक पहुंच गया है। SECL सोहागपुर
विस्तार
मध्य प्रदेश: सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी का निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने के बाद मामला अब प्रथम अपील की सुनवाई तक पहुंच गया है। SECL सोहागपुर क्षेत्र के प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं महाप्रबंधक (संचालन) कार्यालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार 16 सितंबर 2026 को विभिन्न RTI आवेदनों की प्रथम अपील पर सुनवाई निर्धारित की गई थी। जारी पत्र में कुल छह आवेदकों के प्रकरण दर्ज हैं। इनमें लवकुश प्रसाद तिवारी सहित अन्य आवेदकों की प्रथम अपील शामिल है। पत्र में संबंधित उपक्षेत्रीय प्रबंधकों एवं अधिकारियों को सुनवाई में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब नहीं मिलने पर उठे सवाल आवेदकों का कहना है कि उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जानकारी मांगी थी, लेकिन RTI आवेदन का जवाब उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद उन्हें प्रथम अपील का सहारा लेना पड़ा। मामला प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष पहुंचने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि आवेदकों को समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा RTI आवेदन पर क्या कार्रवाई की गई? RTI अधिनियम का उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है। ऐसे में समय पर सूचना उपलब्ध नहीं होने से आवेदकों में नाराजगी बताई जा रही है। अब प्रथम अपील के आदेश का इंतजार
16 सितंबर को निर्धारित सुनवाई के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा आवेदकों को मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने के संबंध में क्या आदेश दिया जाता है और संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाता है या नहीं।
आवेदकों की मांग है कि RTI में मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराकर पूरे मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
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