-
☰
No image found.
मध्य प्रदेश: नशे के कारोबारियों पर होगी सख्त कार्रवाई, हॉटस्पॉट चिन्हित कर होगी छापेमारी
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: जिले को नशा मुक्त बनाने और मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।
विस्तार
मध्य प्रदेश: जिले को नशा मुक्त बनाने और मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह की अध्यक्षता में नारकोटिक्स एवं अन्य नशीली दवाओं की रोकथाम और बेहतर समन्वय को लेकर जिला स्तरीय समिति नाकोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में नारकोटिक्स और नशीली दवाओं के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी अभियान चलाया जाए। इसके लिए जिले में नशे के कारोबार से जुड़े संभावित हॉटस्पॉट चिन्हित कर विशेष छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि यदि जिले में कहीं भी मादक पदार्थों की तस्करी या अवैध बिक्री से जुड़ी जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस विभाग को इसकी सूचना दी जाए। उन्होंने पुलिस और वन विभाग को निर्देश दिए कि नशीले पदार्थों की तस्करी के संभावित मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। बैठक में जिले में अफीम, भांग सहित अन्य मादक पदार्थों की अवैध खेती की रोकथाम को लेकर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने वन विभाग, कृषि विभाग और पुलिस विभाग को आपसी समन्वय के साथ निगरानी बढ़ाने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता भी जरूरी है। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों में नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। इसके लिए पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग और सामाजिक न्याय विभाग को मिलकर अभियान चलाने को कहा गया, ताकि छात्र-छात्राओं को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया जा सके।बैठक में जिले में संचालित 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के तहत अधिक से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और विद्यार्थियों समेत आम लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक दीवान ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों, नशीले इंजेक्शन, स्मैक और अन्य मादक पदार्थों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी दी। बैठक में डीएफओ तरुणा वर्मा, उप संचालक कृषि के.एन. यादव, डॉ. आरपी शुक्ला, उप संचालक सामाजिक न्याय प्रज्ञा मरावी सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश: थाना समाधान दिवस, डीएम-एएसपी ने सुनीं जनसमस्याएं, त्वरित निस्तारण के निर्देश
हरियाणा: NCR में प्रदूषण रोकने की तैयारी तेज, सीएम सैनी के नेतृत्व में तय हुए लक्ष्य
उत्तर प्रदेश: फर्जी दस्तावेज से जमीन एग्रीमेंट करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल
उत्तर प्रदेश: जानलेवा हमले के दो आरोपी गिरफ्तार, लोहे की रॉड और डंडा भी किए बरामद
