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उत्तर प्रदेश: फर्जी दस्तावेजों से पेंशन लेने वाले 5 रिटायर्ड शिक्षक गिरफ्तार, करोड़ों की वसूली की तैयारी

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उत्तर प्रदेश  Published by: Arvind Kumar Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 25/07/2026 04:13:08 pm Share:
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  • Published by.: Arvind Kumar Vishwakarma ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 25/07/2026 04:13:08 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: शिक्षा विभाग में कथित पेंशन घोटाले के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत गाजीपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: शिक्षा विभाग में कथित पेंशन घोटाले के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत गाजीपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पेंशन का लाभ लेने के आरोप में पांच सेवानिवृत्त शिक्षकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग और पेंशन से जुड़े मामलों में हड़कंप मच गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी इंटर कॉलेज रूहीपुर, थाना बिरनो क्षेत्र में कार्यरत रहे थे। सेवानिवृत्ति के बाद इन पर आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों और गलत तरीके से पेंशन का लाभ प्राप्त किया। जांच के दौरान पेंशन से संबंधित अभिलेखों में अनियमितताएं और दस्तावेजों में हेरफेर के तथ्य सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में घूमा सिंह यादव (72 वर्ष) निवासी जगदीशपुर विद्यापति थाना बिरनो, बनवारी सिंह यादव (71 वर्ष) निवासी नारायणपुर हाला थाना नंदगंज, पतिराज राम (67 वर्ष) निवासी मरदानपुर लक्ष्मण थाना बिरनो, दुबरी सिंह यादव (66 वर्ष) निवासी भटौली थाना कोतवाली और रामअवध सिंह यादव (66 वर्ष) निवासी गुलाल सराय थाना बिरनो शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, शासन के निर्देश पर शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

मामले में अब तक पेंशन के रूप में ली गई धनराशि की जांच भी की जा रही है। प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि यदि जांच में सरकारी धन के गलत तरीके से भुगतान की पुष्टि होती है तो आरोपियों से करोड़ों रुपये की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।पुलिस और प्रशासन का कहना है कि सरकारी योजनाओं और सुविधाओं में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा गलत दस्तावेजों के आधार पर सरकारी लाभ लेने की कोशिश की जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कदम उठाए जाएंगे। इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और पेंशन भुगतान से जुड़े अन्य रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


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