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ओडिशा: दक्षिण भारत के आध्यात्मिक गुरु श्री भगवान की महासमाधि

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ओडिशा  Published by: Durgesh Nandan Mohapatra , ओडिशा  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 01/10/2026 01:16:57 pm Share:
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  • Published by.: Durgesh Nandan Mohapatra ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
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  • 01/10/2026 01:16:57 pm
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संक्षेप

ओडिशा: 29 सितंबर 2026 को चेन्नई के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन रहते हुए दक्षिण भारत के प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु एवं भक्तों के बीच ‘मुक्ति अवतार’ के रूप में परिचित तथा ‘वननेस मूवमेंट’ के संस्थापक श्री भगवान ने 77 वर्ष की आयु में महासमाधि प्राप्त की।

विस्तार

ओडिशा: 29 सितंबर 2026 को चेन्नई के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन रहते हुए दक्षिण भारत के प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु एवं भक्तों के बीच ‘मुक्ति अवतार’ के रूप में परिचित तथा ‘वननेस मूवमेंट’ के संस्थापक श्री भगवान ने 77 वर्ष की आयु में महासमाधि प्राप्त की। भक्तों के अंतिम दर्शन के लिए ट्रस्ट की ओर से अंतिम व्यवस्था एवं अंतिम संस्कार से संबंधित रीति-रिवाजों की आधिकारिक सूचना जारी की गई है अंतिम दर्शन की तिथि एवं स्थान श्री भगवान के पार्थिव शरीर को आंध्र प्रदेश के तिरुपति के निकट वरदैयापालेम स्थित पवित्र एकम् क्षेत्र (एकम् मंदिर) में ले जाया गया है। सार्वजनिक अंतिम दर्शन बुधवार, 30 सितंबर 2026 से शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 की दोपहर तक आयोजित किए जाएंगे।

विश्वव्यापी प्रसारण जो भक्त विभिन्न कारणों से वहां पहुंचने में असमर्थ हैं, उनके लिए श्री भगवान के अंतिम दर्शन का सीधा प्रसारण ‘वननेस मूवमेंट’ के आधिकारिक ऑनलाइन चैनलों के माध्यम से दुनियाभर में किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि अम्मा भगवान से आध्यात्मिक युगल श्री अम्मा और श्री भगवान का तात्पर्य है। दुनियाभर में लाखों भक्त और अनुयायी उन्हें अवतार एवं आध्यात्मिक गुरु के रूप में श्रद्धा से मानते हैं। परलोक गमन कर चुके अथवा आध्यात्मिक दृष्टि से कहें तो महासमाधि की अवस्था प्राप्त कर चुके श्री भगवान और उनकी पत्नी पद्मावती अम्मा ‘वननेस मूवमेंट’ के संस्थापक हैं। यह संगठन श्री अम्मा भगवान फाउंडेशन अथवा गोल्डन एज मूवमेंट के नाम से भी जाना जाता है। यह एक सामाजिक-आध्यात्मिक संगठन है, जिसका उद्देश्य मानव चेतना का उत्थान करना तथा मानवता को दुःख और पीड़ा से मुक्ति दिलाना है।