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ओडिशा: छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य चिंता का विषय, आत्महत्या के विचारों पर राष्ट्रीय टास्क फोर्स की रिपोर्ट
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संक्षेप
ओडिशा: राष्ट्रीय टास्क फोर्स (National Task Force - NTF) ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, अवसाद और बढ़ती आत्महत्या की समस्या के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरिम रिपोर्ट जारी की है। सेवानिवृत्त न्यायाधीश ज
विस्तार
ओडिशा: राष्ट्रीय टास्क फोर्स (National Task Force - NTF) ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, अवसाद और बढ़ती आत्महत्या की समस्या के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरिम रिपोर्ट जारी की है। सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस एस. रवींद्र भट की अध्यक्षता में गठित इस विशेषज्ञ दल ने देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की स्थिति को लेकर चिंताजनक तथ्य सामने रखे हैं। सर्वेक्षण से सामने आए प्रमुख तथ्य टास्क फोर्स ने देश के 3,444 शिक्षण संस्थानों के 2.43 लाख से अधिक छात्रों को शामिल करते हुए एक व्यापक सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण से पता चला कि आत्महत्या के विचार: लगभग 9% छात्रों ने पिछले छह महीनों में कम से कम एक बार या उससे अधिक बार आत्महत्या करने के बारे में सोचा है। अत्यधिक मानसिक तनाव: 15% छात्र लगातार चिंता, निराशा और अत्यधिक मानसिक तनाव (Severe Distress) से गुजर रहे हैं। अकेलापन: 34% छात्रों ने बताया कि वे अपने कैंपस में खुद को अकेला या “बाहरी व्यक्ति” (Outsider) जैसा महसूस करते हैं। पाठ्यक्रम का बोझ: लगभग 37% छात्रों ने वर्तमान पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली को अत्यधिक कठिन बताया है। टास्क फोर्स की प्रमुख सिफारिशें (Recommendations) छात्रों को अवसाद और मानसिक तनाव से बाहर निकालने के लिए टास्क फोर्स ने कई महत्वपूर्ण सुधारों का प्रस्ताव दिया है काउंसलिंग सेवाएँ अनिवार्य: देश के प्रत्येक उच्च शिक्षण संस्थान में उचित मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र (Counselling Cells) होना अनिवार्य किया जाए। इसके लिए कैंपस में ‘वेल-बीइंग ऑडिट’ (Well-being Audit) कराया जाएगा। दंडात्मक व्यवस्था में बदलाव: यदि कोई छात्र मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से गुजर रहा है, तो उसे दंडित करने के बजाय सहानुभूतिपूर्वक मानसिक स्वास्थ्य सहायता और उपचार उपलब्ध कराया जाना चाहिए। सामाजिक भेदभाव को समाप्त करना: जाति (SC, ST, OBC), लिंग (Gender) या शारीरिक अक्षमता के आधार पर होने वाले भेदभाव और उत्पीड़न को रोकने के लिए कड़े नियम बनाए जाएंगे। परीक्षा प्रणाली में सुधार: पढ़ाई और ग्रेडिंग व्यवस्था से जुड़े अत्यधिक दबाव को कम करने के लिए शिक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधार किए जाएंगे। वहीं, सर्वोच्च न्यायालय ने टास्क फोर्स को अपनी अंतिम रिपोर्ट (Final Report) 31 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसके बाद उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किया जाएगा।
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