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उत्तर प्रदेश: बरेली में पेंशन कार्ड के नाम पर हुई साइबर ठगी, फाइल खोलते ही खाते से उड़ गए 9.98 लाख
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: बरेली मोबाइल पर आए एक संदिग्ध संदेश में भेजी गई फाइल खोलना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने पेंशन कार्ड के नाम पर भेजी गई फाइल के जरिए उसके बैंक खाते से दो बार में 9.98 लाख रुपये निकाल लिए।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: बरेली मोबाइल पर आए एक संदिग्ध संदेश में भेजी गई फाइल खोलना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने पेंशन कार्ड के नाम पर भेजी गई फाइल के जरिए उसके बैंक खाते से दो बार में 9.98 लाख रुपये निकाल लिए। शिकायत के बाद साइबर पुलिस ने रकम के लेन-देन की कड़ियां जोड़ते हुए 7.92 लाख 500 रुपये पीड़ित के खाते में वापस करा दिए। इज्जतनगर क्षेत्र के सैदपुर स्थित ऑफिसर एन्क्लेव निवासी उमा शरण पाण्डेय के मोबाइल पर 15 अप्रैल को एक अनजान नंबर से संदेश आया था। संदेश में इंडियन बैंक पेंशन कार्ड के नाम से एक फाइल भेजी गई थी। फाइल खोलने के बाद उनके बैंक खाते से रुपये निकलने शुरू हो गए। कुछ ही समय में दो अलग-अलग लेन-देन के जरिए खाते से कुल 9.98 लाख रुपये निकाल लिए गए। खाते से इतनी बड़ी रकम गायब होने की जानकारी मिलने पर उमा शरण पाण्डेय ने साइबर क्राइम थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद साइबर पुलिस ने ठगी की रकम किस-किस खाते में पहुंची, इसकी जानकारी जुटाई और लेन-देन की कड़ियों को ट्रेस किया। पुलिस ने गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल, संबंधित बैंकों और अन्य एजेंसियों की मदद से रकम को रोकने की कार्रवाई की। लगातार प्रयास के बाद ठगी गई 9.98 लाख रुपये की रकम में से 7,92,500 रुपये पीड़ित के खाते में वापस करा दिए गए। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। साइबर पुलिस ने लोगों को सावधान करते हुए कहा कि अनजान नंबर से आने वाली किसी भी फाइल, लिंक या एप्लीकेशन को बिना जांचे न खोलें और न ही मोबाइल में इंस्टॉल करें। बैंक खाते से जुड़ी जानकारी, ओटीपी, कार्ड का सीवीवी और यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। पुलिस ने अपील की है कि साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें। समय रहते शिकायत मिलने पर ठगी की रकम को रोकने और वापस कराने की संभावना बढ़ जाती है। कार्रवाई करने वाली टीम में साइबर क्राइम थाना प्रभारी धनंजय कुमार पाण्डेय, निरीक्षक सिद्धार्थ सिंह तोमर और सिपाही अंकुल सिंह शामिल रहे।
