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उत्तर प्रदेश: बंद नालों से सड़कों पर निकला गंदा पानी, मौत मामले में AIMM ने उठाई CBI जांच की मांग
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: शीशगढ़ बरेली आदर्श नगर पंचायत शीशगढ़ में नाले बंद होने की वजह से गंदा पानी रोड पर बहता रहा, जबकि प्रत्येक वर्ष शासन द्वारा विकास कार्य एवं साफ सफाई से संबंधित लाखों करोड़ों रुपए दिए जाते हैं।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: शीशगढ़ बरेली आदर्श नगर पंचायत शीशगढ़ में नाले बंद होने की वजह से गंदा पानी रोड पर बहता रहा, जबकि प्रत्येक वर्ष शासन द्वारा विकास कार्य एवं साफ सफाई से संबंधित लाखों करोड़ों रुपए दिए जाते हैं। अभी तो हल्की बरसात में शीशगढ़ नगर पंचायत के नालों का यह हाल है आने वाले दिनों में अगर साफ सफाई नहीं हुई चौक बंद नाले ना खुले तो मैंन रोड गली मोहल्ले रोड इन सभी जगह में दूषित पानी फैल जाएगा जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। लाखों करोड़ों खर्च करने के बाद शीशगढ़ नगर पंचायत में क्या यही विकास है। बरेली उर्स-ए-ताजुश्शरिया से लौट रहे मौलाना तौसीफ रजा मजहरी की संदिग्ध मौत को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी (AIMM) ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद के नेतृत्व में जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री, रेल मंत्री, डीजीपी उत्तर प्रदेश एवं जीआरपी बरेली को संबोधित एक ज्ञापन सौंपकर घटना की सीबीआई जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया कि 27 अप्रैल 2026 को बरेली कैंट रेलवे स्टेशन के पास रेल पटरी किनारे मौलाना तौसीफ रजा मजहरी (निवासी किशनगंज, बिहार) का शव मिला। वह उर्स-ए-ताजुश्शरिया में शामिल होकर लौट रहे थे। आरोप है कि ट्रेन के सामान्य डिब्बे में कुछ अज्ञात युवकों ने उनकी धार्मिक पहचान को लेकर अभद्र टिप्पणी करते हुए उनके साथ मारपीट की और बाद में चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। AIMM ने इस घटना को गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि यह न केवल कानून-व्यवस्था की विफलता है बल्कि सामाजिक सौहार्द पर भी हमला है। प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद ने कहा, “यह घटना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। ट्रेन जैसे सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की वारदात सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए।” पार्टी ने अपने ज्ञापन में 7 प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें मुख्य रूप से सीबीआई जांच, 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, विधवा को सरकारी नौकरी, बच्चों को मुफ्त शिक्षा, रेल मार्गों पर सुरक्षा बढ़ाने और मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई शामिल है। मण्डल प्रवक्ता एवं जिला महासचिव बरेली अकीलउद्दीन एडवोकेट ने कहा कि घटना के समय ट्रेन में मौजूद सुरक्षा बलों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए और लापरवाही पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर भी इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। नेताओं ने कहा कि “देश में कानून का राज कायम रखने के लिए ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय बेहद जरूरी है।” अंत में AIMM ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी बरेली कैंट स्टेशन पर अनिश्चितकालीन धरना और प्रदर्शन करने को बाध्य होगी। इस दौरान पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
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