Contact for Advertisement 9650503773


 उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर में जनगणना-2027 की तैयारी शुरू, प्रगणकों और सुपरवाइजरों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Yashoda, Date: 27/10/2026 03:31:04 pm Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by.: Irshad Ahmad ,
  • Edited By.: Yashoda,
  • Date:
  • 27/10/2026 03:31:04 pm
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना की तैयारियों को गति देने के लिए सुपरवाइजरों और प्रगणकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को शुरू हुआ।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना की तैयारियों को गति देने के लिए सुपरवाइजरों और प्रगणकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को शुरू हुआ। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/जिला जनगणना अधिकारी सत्य प्रकाश ने प्रभा देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसी क्रम में नगर पंचायत मगहर में भी जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसमें नगर पंचायत अध्यक्ष अनवरी बेगम और अधिशासी अधिकारी सीमा राय भी शामिल रहीं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों को निर्धारित प्रक्रिया, जिम्मेदारियों और आवश्यक दिशा-निर्देशों की जानकारी देना है, ताकि जनसंख्या गणना का कार्य व्यवस्थित, पारदर्शी और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराया जा सके।

 जनगणना राष्ट्र के विकास की आधारशिला

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला जनगणना अधिकारी सत्य प्रकाश ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और विकास योजनाओं की आधारशिला है। जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर जनसंख्या की वास्तविक स्थिति, नागरिकों की आवश्यकताओं और विकास की प्राथमिकताओं को समझने में मदद मिलती है। इसलिए प्रत्येक जानकारी का सही, सटीक और विश्वसनीय होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य में लगे प्रत्येक कर्मचारी की भूमिका महत्वपूर्ण है। छोटी-सी लापरवाही भी आंकड़ों की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में सभी कार्मिक प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा के साथ पालन करें। उन्होंने जनगणना के दौरान पारदर्शिता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने पर जोर दिया।

 तीन सत्रों में दिया जाएगा प्रशिक्षण

जिला जनगणना अधिकारी के अनुसार, प्रशिक्षण कार्यक्रम सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक संचालित किया जाएगा। कार्मिकों को तीन सत्रों में प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। प्रथम सत्र में 26 से 28 अक्टूबर 2026 तक प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। दूसरे सत्र में 29 अक्टूबर, दो नवंबर और तीन नवंबर 2026 को प्रशिक्षण आयोजित होगा। तीसरे सत्र में चार से छह नवंबर 2026 तक प्रशिक्षण दिया जाएगा।प्रशिक्षण के माध्यम से कार्मिकों को जनसंख्या गणना से संबंधित प्रक्रियाओं और निर्धारित दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने कार्यक्षेत्र में पहुंचकर निर्धारित मानकों के अनुसार जिम्मेदारी निभा सकें।

 16 नवंबर से शुरू होगी स्वगणना

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रशिक्षण के बाद 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्वगणना की प्रक्रिया कराई जाएगी। इसके बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना का कार्य करेंगे। वहीं, पांच से नौ जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण अवधि निर्धारित की गई है। प्रशासन की ओर से जनगणना कार्य को समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से पूरा कराने के लिए कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस दौरान सही आंकड़ों के संकलन और निर्धारित प्रक्रिया के पालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

 जनगणना में आम नागरिकों का सहयोग जरूरी

नगर पंचायत अध्यक्ष अनवरी बेगम ने कहा कि जनगणना देश के प्रत्येक नागरिक से जुड़ा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। इसके माध्यम से समाज की वास्तविक स्थिति सामने आती है और जनहितकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि जनगणना के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और नागरिकों का विश्वास बनाए रखना भी जरूरी है। संबंधित कार्मिकों को आमजन से विनम्र व्यवहार करना चाहिए, उनकी शंकाओं का समाधान करना चाहिए और उन्हें सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

 व्यवस्थित और त्रुटिरहित कार्य पर जोर

नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी सीमा राय ने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में जनगणना कार्य को व्यवस्थित, पारदर्शी और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराना सभी संबंधित कार्मिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं, प्रभा देवी संस्थान के समन्वयक शिशु राय ने प्रशिक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कार्य की गुणवत्ता तभी सुनिश्चित हो सकती है, जब प्रत्येक कर्मचारी प्रक्रिया को भली-भांति समझकर निर्धारित मानकों के अनुरूप काम करे।

उन्होंने कार्मिकों से समयबद्धता, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने की अपील की। कार्यक्रम में ब्लूमिंग बड्स के व्यवस्थापक राजेश पांडे, नूरुज्मा अंसारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि जनगणना की सफलता के लिए प्रशासनिक तैयारियों के साथ कर्मचारियों की दक्षता और आम नागरिकों का सहयोग भी आवश्यक है। सटीक आंकड़े ही बेहतर योजना निर्माण और प्रभावी विकास का आधार बनते हैं। इसलिए जनगणना-2027 के इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ संपन्न कराया जाना चाहिए।