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उत्तर प्रदेश: खाद्य सुरक्षा विभाग की सैंपलिंग प्रक्रिया पर व्यापारियों ने उठाए सवाल, डीएम कार्यालय में सौंपा ज्ञापन

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उत्तर प्रदेश  Published by: Chhatra Pal , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shikha Pandey, Date: 14/10/2026 03:24:17 pm Share:
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  • 14/10/2026 03:24:17 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बरेली खाद्य सुरक्षा विभाग की सैंपलिंग प्रक्रिया को लेकर छोटे और बड़े व्यापारियों में नाराजगी बढ़ रही है।

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उत्तर प्रदेश: बरेली खाद्य सुरक्षा विभाग की सैंपलिंग प्रक्रिया को लेकर छोटे और बड़े व्यापारियों में नाराजगी बढ़ रही है। व्यापारियों ने नमूने लेने और जांच रिपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पारदर्शिता लाने और अनावश्यक उत्पीड़न रोकने की मांग की है। इस संबंध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश ने जिलाधिकारी कार्यालय में एसडीएम कुमारी पूनम भास्कर को ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष अकरम खान और जिला महामंत्री कमल गुप्ता के नेतृत्व में पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि खुदरा और थोक दुकानदार बिल के आधार पर निर्माताओं से खाद्य पदार्थ खरीदते हैं। ऐसे में यदि किसी सीलबंद पैकेट में नकली, डुप्लीकेट या मानकों के विपरीत खाद्य पदार्थ मिलता है, तो उसकी जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की भी तय होनी चाहिए। व्यापारियों ने मांग की कि खरीद का बिल प्रस्तुत करने पर निर्माता को भी सैंपलिंग प्रक्रिया में पक्षकार बनाया जाए और नियमानुसार फॉर्म-5क की सूचना पंजीकृत डाक से भेजी जाए। व्यापार मंडल ने जांच रिपोर्ट मिलने में देरी का मुद्दा भी उठाया। संगठन के अनुसार, रिपोर्ट आने में कई महीने लग जाते हैं, जिससे व्यापारियों को परेशानी होती है। व्यापारियों ने संबंधित प्रयोगशालाओं को निर्धारित समय में रिपोर्ट जारी करने के निर्देश देने और नमूना फेल होने की स्थिति में केंद्रीय प्रयोगशाला से दोबारा जांच की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की।

ज्ञापन में केंद्रीय प्रयोगशाला की अंतिम रिपोर्ट आने से पहले खाद्य पदार्थों को नष्ट करने या जब्त करने की कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई गई। व्यापारियों का कहना है कि इससे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने अधोमानक और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के बीच स्पष्ट अंतर रखने की मांग की। इसके अलावा मामूली मामलों में समझौते की व्यवस्था लागू करने, पूर्णकालिक न्याय निर्धारण अधिकारी नियुक्त करने, फर्जी शिकायतों के आधार पर कार्रवाई रोकने और सर्वे सैंपलों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई। व्यापार मंडल ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकना जरूरी है, लेकिन जांच और कार्रवाई निष्पक्ष एवं पारदर्शी होनी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में परवेज आलम, जाकिर हुसैन, मुदित प्रताप सिंह सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।

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