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मध्य प्रदेश: उमरबन विकासखंड के पात्र शिक्षकों को लाभ नहीं मिलने का आरोप, विभाग से शीघ्र निराकरण की मांग'

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मध्य प्रदेश  Published by: Ajay Agalcha , मध्य प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 15/09/2026 04:47:51 pm Share:
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  • Published by.: Ajay Agalcha ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
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  • 15/09/2026 04:47:51 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: जिले में शिक्षकों की क्रमोन्नति एवं क्रमोन्नत वेतनमान से संबंधित मामलों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। उमरबन विकासखंड के पात्र शिक्षकों के क्रमोन्नति प्रकरण लंबि

विस्तार

मध्य प्रदेश: जिले में शिक्षकों की क्रमोन्नति एवं क्रमोन्नत वेतनमान से संबंधित मामलों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। उमरबन विकासखंड के पात्र शिक्षकों के क्रमोन्नति प्रकरण लंबित होने अथवा उन्हें इसका लाभ नहीं मिलने की बात सामने आई है। इससे संबंधित शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है। शिक्षकों का कहना है कि निर्धारित सेवा अवधि पूर्ण करने के बाद नियमानुसार मिलने वाला क्रमोन्नति वेतनमान उनका अधिकार है। पात्रता पूरी होने के बावजूद इसका लाभ समय पर नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सेवा संबंधी लाभों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व में चर्चा के बाद भी कार्रवाई का इंतजारइस मामले को लेकर नेशनल क्राइम समाचार द्वारा पूर्व में भी संबंधित ब्लॉक अधिकारी से चर्चा की गई थी। चर्चा के दौरान अधिकारी की ओर से एक-दो दिन में आवश्यक पत्रक तैयार कर आगे भेजने तथा मामले में कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, शिक्षकों के अनुसार आश्वासन के बाद भी अभी तक कोई ठोस एवं उचित कार्रवाई सामने नहीं आई है। ऐसे में पात्र शिक्षकों के क्रमोन्नति प्रकरणों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

शिक्षकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि क्रमोन्नति के प्रकरण किन कारणों से लंबित हैं, किन-किन शिक्षकों के मामलों पर निर्णय नहीं हुआ है तथा इस संबंध में कौन-से शासनादेश अथवा विभागीय निर्देश लागू हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए। इसके साथ ही पात्र शिक्षकों के लंबित प्रकरणों की जांच कर नियमानुसार शीघ्र क्रमोन्नति एवं क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ प्रदान करने की मांग की गई है। विभागीय कार्रवाई पर नजर इस मामले में अब सभी की निगाहें जिला शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिक्षकों द्वारा उठाए गए मुद्दे तथा पूर्व में दिए गए कार्रवाई के आश्वासन के बाद विभाग अब क्या कदम उठाता है। शिक्षकों को उम्मीद है कि पात्रता और निर्धारित नियमों के आधार पर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाएगा।