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उत्तर प्रदेश: हिंदी दिवस पर बच्चों ने वाद-विवाद और भाषण में दिखाई प्रतिभा
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: चपेड़िया रोड स्थित यूरोकिड्स प्री-स्कूल एवं दिल्ली पब्लिक सीनियर स्कूल में सोमवार को हिंदी दिवस उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों में मातृभाषा के प्रति सम्मान और भाषाई कौशल
विस्तार
उत्तर प्रदेश: चपेड़िया रोड स्थित यूरोकिड्स प्री-स्कूल एवं दिल्ली पब्लिक सीनियर स्कूल में सोमवार को हिंदी दिवस उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों में मातृभाषा के प्रति सम्मान और भाषाई कौशल विकसित करने के उद्देश्य से वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। रेड, येलो, ग्रीन और ब्लू हाउस के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक अमर मणि पांडेय ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक धरोहर, राष्ट्रीय अस्मिता और एकता का प्रतीक है। आधुनिक दौर में तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक मंच पर भी हिंदी का महत्व बढ़ रहा है। विद्यार्थियों को अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व करते हुए हिंदी के प्रचार-प्रसार में योगदान देना चाहिप्रतियोगिताओं से निखरता है व्यक्तित्व प्राचार्या अर्चना पांडेय ने कहा कि साहित्यिक प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, आत्मविश्वास, नेतृत्व और अभिव्यक्ति कौशल को विकसित करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुति और अनुशासन की सराहना करते हुए विजेताओं को मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में ग्रीन हाउस ने उत्कृष्ट तार्किक प्रस्तुति और टीमवर्क के आधार पर प्रथम स्थान हासिल किया। भाषण प्रतियोगिता में प्रणव (येलो हाउस) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वैष्णवी (ग्रीन हाउस) और श्रेया (रेड हाउस) संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि लक्ष्य (ग्रीन हाउस) ने तीसरा स्थान हासिल किया। सांत्वना पुरस्कार शाश्वत पांडेय (ब्लू हाउस) और रूही यादव (रेड हाउस) को दिया गया। मातृभाषा विचार अभिव्यक्ति का स्वाभाविक माध्यम अकादमिक इंचार्ज दिव्या पाठक ने कहा कि मातृभाषा विचारों की अभिव्यक्ति का सबसे सहज और स्वाभाविक माध्यम है। अपनी भाषा में बेझिझक विचार रखने से बच्चों की बौद्धिक और रचनात्मक क्षमता का विकास होता है। वाइस प्रिंसिपल दिनेश त्रिपाठी ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही भविष्य के राष्ट्र निर्माता हैं। अपनी मातृभाषा को समृद्ध बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अतिथियों, निर्णायक मंडल और शिक्षकों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षिकाओं नीलम चौधरी, लक्ष्मी वर्मा, रिचिका सिंह, आयाज अहमद, प्रिया पांडेय, रश्मि शुक्ला, दीपांजलि, नंदिनी गडिया, आफताब शेख, उत्कर्ष श्रीवास्तव और प्रीति समेत विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने सहयोग किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
